अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस अब सप्ताह में दो दिन, यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

वर्षों पुरानी मांग पूरी, शिक्षा, रोजगार और इलाज के लिए यात्रा होगी आसान : राजेश अग्रवाल
रायपुर। उत्तर छत्तीसगढ़ और सरगुजा संभाग के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन संख्या 22407/22408 अंबिकापुर-हजरत निजामुद्दीन एक्सप्रेस के संचालन को साप्ताहिक से बढ़ाकर द्विसाप्ताहिक (सप्ताह में दो दिन) करने का निर्णय लिया है। इस फैसले का स्वागत करते हुए छत्तीसगढ़ के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने इसे क्षेत्र के लाखों यात्रियों के लिए बड़ी सौगात बताया है।
मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस उत्तर छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए महत्वपूर्ण रेल सेवा है। दिल्ली सहित देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा, रोजगार, व्यवसाय, चिकित्सा एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बड़ी संख्या में लोग यात्रा करते हैं। लंबे समय से ट्रेन की आवृत्ति बढ़ाने की मांग की जा रही थी, जिसे रेलवे मंत्रालय ने स्वीकार कर क्षेत्रवासियों को राहत दी है।
उन्होंने कहा कि सप्ताह में दो दिन ट्रेन संचालन शुरू होने से यात्रियों को अधिक विकल्प मिलेंगे तथा प्रतीक्षा सूची की समस्या में भी कमी आएगी। इसका लाभ विशेष रूप से विद्यार्थियों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं, व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों और गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए बड़े शहरों की यात्रा करने वाले मरीजों को मिलेगा।
मंत्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार देश के दूरस्थ और पिछड़े क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के लिए लगातार कार्य कर रही है। रेलवे के आधुनिकीकरण और नई रेल सेवाओं के विस्तार का लाभ अब सरगुजा जैसे अंचलों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को नई गति देगा।
राजेश अग्रवाल ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए रेल मंत्री Ashwini Vaishnaw का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि रेलवे मंत्रालय ने क्षेत्र की जनभावनाओं का सम्मान किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में उत्तर छत्तीसगढ़ को रेलवे क्षेत्र में और अधिक सुविधाएं तथा नई रेल सेवाओं की सौगात मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि अंबिकापुर-निजामुद्दीन एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक किए जाने का निर्णय सरगुजा संभाग के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे क्षेत्र की राजधानी दिल्ली सहित अन्य प्रमुख शहरों से रेल संपर्क और अधिक मजबूत होगा तथा यात्रियों को यात्रा के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध होगी।


