रायपुर स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की तत्परता से यात्री को समय पर मिला उपचार

अस्वस्थ यात्री को तत्काल सहायता देकर अस्पताल पहुंचाया, परिजनों को भी दी सूचना
रायपुर | दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की सजगता और मानवीय संवेदनशीलता से एक अस्वस्थ यात्री को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। रेलवे कर्मचारियों ने यात्री को तत्काल संभाला, प्राथमिक उपचार दिलाया और एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया।
घटना 7 अगस्त की है। ट्रेन संख्या 18238 से रानी कमलापति से रायपुर आ रहे 56 वर्षीय यशवंत सिंह एच-1 कोच में यात्रा कर रहे थे। ट्रेन के रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 5-6 पर पहुंचने के बाद उतरते समय उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। वे स्वयं खड़े होने की स्थिति में नहीं थे।
ड्यूटी पर तैनात सीटीआई/रायपुर स्क्वाड मकसूद अली की नजर यात्री पर पड़ी। उन्होंने तत्काल यात्री को सहारा देकर सुरक्षित स्थान पर लिटाया और कमर्शियल कंट्रोल को सूचना दी। सूचना मिलते ही डिप्टी एसएस/कमर्शियल रायपुर राजा सरकार मौके पर पहुंचे और रेलवे चिकित्सक से संपर्क कर उपचार की व्यवस्था कराई। यात्री के लिए एंबुलेंस भी उपलब्ध कराई गई और उनके परिजनों को सूचना दी गई।

इसी दौरान सीसीटीसी/स्टेशन स्टाफ अजीत कुमार और राहुल दामले बैटरी कार के साथ मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने समन्वय से यात्री को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। रेलवे चिकित्सक ने जांच के बाद आवश्यक दवाएं और प्राथमिक उपचार दिया।
इसके बाद यात्री को रेलवे की एंबुलेंस से उनके परिजनों के साथ अंबेडकर अस्पताल भेजा गया, जहां उन्हें आगे के उपचार के लिए भर्ती कराया गया। रेलवे कर्मचारियों ने यात्री के सामान को भी सुरक्षित रखा और बाद में उनके परिजनों को सौंप दिया।
समय पर मिली सहायता के लिए यशवंत सिंह ने रेलवे कर्मचारियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से बताया कि रेलवे कर्मचारियों की तत्परता ने गंभीर स्थिति में उनकी मदद की और उपचार समय पर मिल सका।
पूरे घटनाक्रम में मकसूद अली, सीटीआई/रायपुर; राजा सरकार, डिप्टी एसएस/कमर्शियल/रायपुर; अजीत कुमार और राहुल दामले, सीसीटीसी, सहित रेलवे चिकित्सा दल की सजगता, त्वरित निर्णय और आपसी समन्वय सराहनीय रहा।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सेवा के प्रति रेलवे सदैव प्रतिबद्ध है। रायपुर स्टेशन की यह घटना रेलवे कर्मचारियों की संवेदनशीलता और तत्पर कार्यप्रणाली का उदाहरण है।

