
GIFT City बना भारत के वैश्विक वित्त का नया केंद्र, बैंकिंग परिसंपत्तियां 111 अरब डॉलर के पार
1200 से अधिक संस्थाएं सक्रिय; फंड मैनेजमेंट, विमान-पोत लीजिंग और ट्रेजरी गतिविधियों में तेजी से विस्तार

गांधीनगर, 25 जुलाई 2026।
गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (GIFT City) भारत के वैश्विक वित्तीय इकोसिस्टम के एक प्रमुख केंद्र के रूप में तेजी से अपनी पहचान मजबूत कर रही है। यहां अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवाओं से जुड़े 1200 से अधिक संस्थान सक्रिय हैं और बैंकिंग परिसंपत्तियां 111 अरब अमेरिकी डॉलर को पार कर चुकी हैं। फंड मैनेजमेंट क्षेत्र में कुल प्रतिबद्धताएं भी 39 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक हो गई हैं। बैंकिंग, पूंजी बाजार और बीमा से लेकर विमान एवं पोत लीजिंग, कॉरपोरेट ट्रेजरी तथा सतत वित्त तक विभिन्न क्षेत्रों में GIFT City का वित्तीय इकोसिस्टम लगातार विस्तार कर रहा है।

पत्र सूचना कार्यालय, रायपुर द्वारा आयोजित गुजरात अध्ययन दौरे पर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने GIFT City का भ्रमण कर बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, पूंजी बाजार, बीमा, ट्रेजरी, विमान एवं पोत लीजिंग, व्यापार वित्त और सतत वित्त सहित विभिन्न क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों को करीब से समझा तथा GIFT City के अधिकारियों के साथ संवाद कर इसके विकास और भविष्य की संभावनाओं की जानकारी प्राप्त की।
GIFT City के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer—CEO) श्री अविचल खेरा और महाप्रबंधक (General Manager—GM) श्रीमती जया चतुर्वेदी ने मीडिया प्रतिनिधिमंडल को GIFT City में विकसित हो रहे वित्तीय इकोसिस्टम और विभिन्न क्षेत्रों में हुई प्रगति की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि GIFT City में बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, पूंजी बाजार, बीमा, वित्तीय सेवाओं, विमान एवं पोत लीजिंग, बुलियन एक्सचेंज, ट्रेजरी सेंटर और ग्लोबल इन-हाउस सेंटर सहित कई क्षेत्रों में गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इसका विस्तार भारत के वैश्विक वित्तीय सेवा क्षेत्र को नई गति देने के साथ-साथ देश में वित्तीय सेवाओं से जुड़े नए अवसरों का निर्माण कर रहा है।
बैंकिंग क्षेत्र में GIFT City ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। मार्च 2026 तक बैंकिंग परिसंपत्तियां 111 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई थीं। इसी अवधि में ग्राहक ऋण 76.14 अरब अमेरिकी डॉलर और बाहरी वाणिज्यिक उधारी (External Commercial Borrowings—ECB) का एक्सपोजर 41.18 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
फंड मैनेजमेंट क्षेत्र में भी GIFT City का विस्तार तेजी से हुआ है। मार्च 2026 तक यहां 217 फंड मैनेजमेंट इकाइयां और 360 फंड एवं योजनाएं दर्ज की गईं। इस क्षेत्र में कुल फंड प्रतिबद्धताएं 39.09 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गई हैं।
पूंजी बाजार में भी GIFT City की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। मार्च 2026 तक सूचीबद्ध ऋण प्रतिभूतियों का मूल्य 70.31 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जबकि औसत मासिक कारोबार 112.49 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।
बीमा क्षेत्र में भी विस्तार दर्ज किया गया है। दिसंबर 2025 में 24 इंश्योरेंस ऑफिस की तुलना में मार्च 2026 तक इनकी संख्या बढ़कर 36 हो गई, जबकि इंश्योरेंस इंटरमीडियरीज की संख्या 31 से बढ़कर 34 हो गई।
विमान एवं पोत लीजिंग को GIFT City के तेजी से उभरते क्षेत्रों में प्रमुख स्थान मिला है। मार्च 2026 तक विमान लीजिंग क्षेत्र में 35 विमान लीजर्स और 373 एविएशन एसेट्स दर्ज किए गए। पोत लीजिंग क्षेत्र में 36 शिप लीजर्स और 37 लीज्ड शिप्स दर्ज किए गए। इससे भारत में विमानन और समुद्री वित्त से जुड़े नए वित्तीय अवसरों का विस्तार हो रहा है।
GIFT City में वैश्विक एवं क्षेत्रीय कॉरपोरेट ट्रेजरी सेंटर (Global/Regional Corporate Treasury Centres—GRCTCs) भी तेजी से विकसित हो रहे हैं। मार्च 2026 तक इन केंद्रों के ऋण एवं अग्रिम 5.61 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गए। सतत वित्त के क्षेत्र में भी सतत ऋण दिसंबर 2025 के 2.76 अरब अमेरिकी डॉलर से बढ़कर मार्च 2026 में 6.25 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया।
GIFT City के दीर्घकालिक विस्तार की योजना के तहत वर्ष 2030 तक 71 टावर विकसित किए जाने हैं। इससे 22 मिलियन वर्ग फीट से अधिक अतिरिक्त विकास और 1.37 लाख से अधिक रोजगार क्षमता सृजित होने की संभावना है। इसके साथ स्पोर्ट्स एरीना, अस्पताल, होटल, गोल्फ कोर्स, फूड एंड बेवरेज डिस्ट्रिक्ट, रिवरफ्रंट, रिटेल और विस्तारित मेट्रो कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं के विकास की भी योजना है।
श्री खेरा और श्रीमती चतुर्वेदी ने कहा कि GIFT City का विकास भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग, फंड मैनेजमेंट, पूंजी बाजार और लीजिंग जैसे क्षेत्रों के साथ नए वित्तीय क्षेत्रों का विस्तार GIFT City को भारत के वैश्विक वित्तीय इकोसिस्टम का महत्वपूर्ण केंद्र बना रहा है *

