गौवंश सड़कों पर, सरकार मौज में: दिनेश चंद्रवंशी
कहा-सरकार की गलत नीतियों से किसान और गौवंश दोनों परेशान, संरक्षण के लिए ठोस व्यवस्था की जरूरत
कवर्धा। गौवंश के सड़कों पर बेसहारा घूमने और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाने के मुद्दे पर बीकेएस के दिनेश चंद्रवंशी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण गौवंश बेसहारा हैं और किसान भी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
चंद्रवंशी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों से किसानों की आय दोगुनी करने का दावा किया जा रहा है, लेकिन किसानों की आय बढ़ने के बजाय कई किसानों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हुई है। गन्ने के दाम में पिछले छह वर्षों से वृद्धि नहीं होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि दूसरी ओर खाद, कीटनाशक और डीजल के दाम लगातार बढ़े हैं। ऐसे में खेती किसानों के लिए घाटे का सौदा बनती जा रही है।
उन्होंने कहा कि जब किसान आर्थिक रूप से सक्षम था, तब वह गौवंश पाल लेता था। लेकिन आज महंगाई और बढ़ते कृषि खर्च के कारण किसान खुद कर्ज के बोझ में है। ऐसी स्थिति में बेसहारा गौवंश की जिम्मेदारी उठाना उसके लिए मुश्किल हो गया है।
हर जिले में बने गौ अभयारण्य
दिनेश चंद्रवंशी ने सरकार से प्रत्येक जिले में बड़े स्तर पर गौ अभयारण्य विकसित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हर तहसील में किसानों को किराए पर बेलदार मशीन उपलब्ध कराई जा सकती है और धान के पैरा से चारा प्रबंधन की व्यवस्था की जा सकती है। इससे किसानों की फसल भी बचेगी और गौवंश को चारा भी उपलब्ध होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कमी नहीं है, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी है। सरकार को केवल दुधारू गाय से मिलने वाले लाभ पर ध्यान देने के बजाय बेसहारा गौवंश के संरक्षण और सेवा के लिए स्थायी व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोई भी किसान नहीं चाहता कि गौवंश बेसहारा होकर सड़कों पर घूमे, लेकिन आर्थिक मजबूरी के कारण किसान बेबस हैं।

