कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने किया पान बरेजों एवं टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट का निरीक्षण

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो KCG
खैरागढ़ : कलेक्टर इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल ने गुरुवार को विकासखंड छुईखदान के ग्राम धारिया एवं रामपुर नवागांव का भ्रमण कर जिले में संचालित पान संवर्धन गतिविधियों एवं टमाटर प्रसंस्करण परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पान उत्पादक किसानों भरत महिलांगे एवं हिंचाराम के पान बरेजों का अवलोकन कर पान उत्पादन, विपणन, तकनीकी आवश्यकताओं तथा भविष्य की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
कलेक्टर श्री चंद्रवाल ने कहा कि पान खेती इस क्षेत्र की पारंपरिक पहचान रही है और यह किसानों के लिए लाभकारी व्यवसाय साबित हो सकती है। उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक तकनीकों को अपनाकर गुणवत्तापूर्ण उत्पादन बढ़ाने तथा बेहतर प्रबंधन के माध्यम से आय में वृद्धि करने के लिए प्रेरित किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बरेजा प्रबंधन, पौध संरक्षण एवं उत्पादन तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
उन्होंने बताया कि पान अनुसंधान केंद्र की स्थापना के बाद क्षेत्र में पान खेती के प्रति किसानों की रुचि बढ़ी है। नई तकनीकों एवं वैज्ञानिक मार्गदर्शन के माध्यम से पान उत्पादन को पुनर्जीवित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को तकनीकी ज्ञान और गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
उल्लेखनीय है कि छुईखदान क्षेत्र में कभी पान की खेती बड़े पैमाने पर होती थी, लेकिन तकनीकी मार्गदर्शन एवं गुणवत्तायुक्त रोपण सामग्री की कमी के कारण यह खेती धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ गई थी। वर्तमान में जिला प्रशासन एवं पान अनुसंधान केंद्र के संयुक्त प्रयासों से किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा बेहतर रोपण सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही किसानों को मध्यप्रदेश एवं उत्तरप्रदेश के प्रमुख पान उत्पादक क्षेत्रों का अध्ययन भ्रमण भी कराया गया है, जिससे वे आधुनिक तकनीकों एवं सफल मॉडलों को समझ सकें।
भ्रमण के दौरान कलेक्टर ने ग्राम रामपुर नवागांव में स्थापित की जा रही टमाटर प्रोसेसिंग यूनिट का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए इकाई को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि टमाटर प्रसंस्करण इकाई शुरू होने से किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलेगा तथा फसल खराब होने से होने वाले नुकसान में कमी आएगी। इससे स्थानीय स्तर पर कृषि आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
कलेक्टर ने बताया कि छुईखदान में एक विशेष पान आउटलेट भी प्रारंभ किया जा रहा है, जिसका संचालन महिला स्व-सहायता समूह द्वारा किया जाएगा। इस आउटलेट में पान रिफ्रेश, पान हर्बल टी, पान लड्डू, पान चॉकलेट सहित विभिन्न मूल्य संवर्धित उत्पादों का निर्माण एवं विपणन किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय उद्यमिता को नई दिशा मिलेगी।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय किसान उपस्थित रहे।



