त्योहारी सीजन में मिलावट पर सख्ती, मिठाई-पनीर और बेसन के पकवानों के लिए नमूने

रायपुर, 19 अगस्त। रक्षाबंधन सहित आगामी त्योहारी सीजन को देखते हुए छत्तीसगढ़ में खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने ‘बने खाबो-बने रहिबो 2.0’ सात दिवसीय विशेष जन-जागरूकता एवं प्रवर्तन अभियान शुरू किया है। अभियान के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न जिलों में मिठाई दुकानों, होटल-रेस्टोरेंट, कन्फेक्शनरी, थोक विक्रेताओं और खाद्य निर्माण इकाइयों का निरीक्षण कर मिठाई, पनीर, खोवा, बेसन से बने पकवान सहित अन्य खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए।

महासमुंद में 300 किलो पनीर सील
महासमुंद जिले में भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड प्रोडक्ट फैक्टरी में एनालॉग पनीर निर्माण की शिकायत पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात कार्रवाई की। करीब तीन घंटे चली जांच के दौरान लगभग 300 किलो तैयार पनीर को कोल्ड स्टोरेज में रखकर सील किया गया। पनीर का नमूना जांच के लिए लिया गया है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिलासपुर में 102 किलो मिठाई सीज
बिलासपुर में मिथ्याछाप पाए गए बर्फी के 23 कार्टून, करीब 102 किलो माल को सीज कर नमूना जांच के लिए भेजा गया। कोरबा में मैसूर पाक और नारियल लड्डू के नमूने लिए गए तथा करीब 10 हजार रुपये मूल्य के मिथ्याछाप खाद्य पदार्थ जब्त कर सुरक्षित अभिरक्षा में रखे गए।

कई जिलों में नमूना संकलन
रायपुर के डूमरतराई थोक बाजार से सोन केक, गुलाब जामुन और रसगुल्ला के तीन विधिक नमूने लिए गए। दुर्ग में चार, बालोद में पनीर, खोवा और बूंदी लड्डू के तीन नमूने लिए गए। रायगढ़ में खोवा, कलाकंद और पैक्ड नारियल लड्डू, कांकेर में पेड़ा, राजनांदगांव में पनीर, दही, पेड़ा और लड्डू तथा कबीरधाम में खोया बर्फी और पनीर के नमूने संकलित किए गए।
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सुकमा, बस्तर, सरगुजा, सूरजपुर और अन्य जिलों में भी खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए गए।
अखबारी कागज और प्रतिबंधित रंगों से बचने की हिदायत
खाद्य पदार्थों को रखने या पैक करने में अखबारी कागज का इस्तेमाल नहीं करने तथा प्रतिबंधित रंगों का उपयोग नहीं करने के निर्देश कारोबारियों को दिए गए हैं। खाद्य प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई, सुरक्षित भंडारण, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता और वैध खाद्य लाइसेंस या पंजीयन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने कहा कि संदिग्ध मिलावट, अमानकता, मिथ्याछाप या अस्वच्छ परिस्थितियां पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
उपभोक्ताओं से सावधानी की अपील
विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि त्योहारों में मिठाई और अन्य पैक्ड खाद्य सामग्री खरीदते समय निर्माण तिथि, उपयोग की अंतिम तिथि, लेबल, पैकेजिंग और FSSAI लाइसेंस/पंजीयन की जानकारी जरूर जांचें। संदिग्ध खाद्य पदार्थ या मिलावट की जानकारी संबंधित विभाग को देने की अपील भी की गई है।
विभाग का संदेश है—त्योहार की खुशियां सुरक्षित और शुद्ध खाद्य पदार्थों के साथ ही मनाएं।



