G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIARaipurखास-खबर

झीरम के शहीदों को विजय शर्मा ने दी श्रद्धांजलि, कहा- बस्तर अब आजाद हवा में सांस ले रहा

झीरम घाटी में पौधारोपण कर शहीदों को किया नमन, परिजनों से मिले; स्मारक को जल्द मिलेगा स्मरणीय स्वरूप

रायपुर, 15 अगस्त। स्वतंत्रता दिवस पर उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा ने बस्तर की झीरम घाटी पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शहीदों की स्मृति में पौधारोपण किया और परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। शर्मा ने कहा कि झीरम के शहीदों की स्मृति में बने स्मारक को जल्द ही और स्मरणीय स्वरूप दिया जाएगा। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

शर्मा ने कहा कि झीरम की घटना छत्तीसगढ़ के लिए भयंकर विभीषिका थी। इसमें प्रदेश ने विद्याचरण शुक्ल, पूर्व मंत्री नंदकुमार पटेल, नेता प्रतिपक्ष रहे महेंद्र कर्मा सहित कई जनप्रतिनिधियों, सुरक्षा जवानों और नागरिकों को खोया। उनके बलिदान को प्रदेश कभी नहीं भूल सकता।

कर्रेगुट्टा पर तिरंगा फहराकर दिया शांति का संदेश

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस ताकत ने वर्षों तक बस्तर को भय और हिंसा के साये में रखा, लोकतंत्र और विकास की राह रोकी तथा तिरंगा फहराने से रोकने का प्रयास किया, उसे जड़ से उखाड़ फेंका गया है। तीन दिन की बस्तर तिरंगा यात्रा में पांच जिलों में करीब 600 किमी की यात्रा कर शांति का संदेश दिया गया। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नक्सलियों के आखिरी गढ़ कर्रेगुट्टा की पहाड़ियों पर तिरंगा फहराना पूरे देश के लिए बड़ा संदेश है।

उन्होंने कहा कि झीरम के शहीदों का सपना लोकतंत्र, शांति, विकास और विश्वास वाला बस्तर था। आज बस्तर उसी दिशा में आगे बढ़ रहा है।

शहीदों के परिजनों ने सौंपी झीरम की मिट्टी

शर्मा ने शहीदों के परिजनों से मुलाकात कर उनका सम्मान किया। परिजनों ने झीरम की पवित्र मिट्टी पुलिस अधीक्षक को संग्रहित करने के लिए सौंपी। उन्होंने कहा कि शासन सभी शहीदों के सम्मान में स्मारक निर्माण की दिशा में काम कर रहा है।

3 हजार से ज्यादा लोगों ने छोड़ी हिंसा

शर्मा ने कहा कि बस्तर को केवल गोलियों से नहीं, बल्कि हौसले, विश्वास और विकास के संकल्प से जीता गया है। हिंसा का रास्ता छोड़कर 3 हजार से अधिक लोग पुनर्वास की राह चुन चुके हैं। यह बस्तर में शांति और विश्वास की नई सुबह का संकेत है। उन्होंने कहा कि झीरम में प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व खोने के बावजूद यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि घटना में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल नक्सलियों को कुछ लोग रोल मॉडल मानते हैं।

कार्यक्रम में विधायक विनायक गोयल, महापौर जगदलपुर संजय पांडे, बस्तर संभाग के कमिश्नर डोमन सिंह, आईजी बीएन मीणा, कलेक्टर आकाश छिकारा, एसपी शलभ सिन्हा सहित जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page