सहकारिता सप्ताह में कृषक संगोष्ठी आयोजित, किसानों को आधुनिक व जैविक खेती अपनाने का संदेश

रायपुर, 4 जुलाई 2026। सहकारिता सप्ताह के तहत शनिवार को दंतेवाड़ा जिले के संयुक्त कलेक्टरेट भवन के सभाकक्ष में कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक चैतराम अटामी रहे। संगोष्ठी में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि सहकारिता की भावना ग्रामीण विकास और कृषि समृद्धि का मजबूत आधार है। उन्होंने किसानों से रोपाई सहित अन्य कृषि कार्य आपसी सहयोग से समय पर पूरा करने का आह्वान करते हुए कहा कि इससे श्रमिकों की कमी दूर होगी, खेती की लागत घटेगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।
जल संरक्षण और जैविक खेती पर जोर
उन्होंने किसानों को वर्षा जल संरक्षण के लिए डबरी और अन्य जल संरचनाओं के निर्माण की सलाह दी। साथ ही अनुभवी किसानों के मार्गदर्शन में आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने का आग्रह किया। उनके अनुसार प्राकृतिक और आधुनिक खेती से उत्पादन बढ़ने के साथ भूमि की उर्वरता भी बनी रहती है।
योजनाओं का लाभ लेने की अपील
विधायक अटामी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। किसानों को इन योजनाओं की जानकारी लेकर अधिक से अधिक लाभ उठाना चाहिए, ताकि खेती लाभकारी बने और आय में वृद्धि हो।
उन्होंने खेती के साथ अधिक से अधिक पौधरोपण करने का भी आह्वान किया और कहा कि पेड़-पौधे पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
संगोष्ठी में कृषि, पशुधन विकास, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता विभाग के अधिकारियों एवं विशेषज्ञों ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक, जैविक खेती, पशुपालन, मत्स्य पालन, उद्यानिकी तथा विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया।
कार्यक्रम के दौरान विधायक चैतराम अटामी ने छह किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) वितरित किए। इस अवसर पर कृषि विभाग के उप संचालक सूरज पंसारी, पशुधन विकास विभाग के उप संचालक डॉ. योगेश मिश्रा, मत्स्य विभाग के सहायक संचालक योगेश देवांगन, उद्यान अधीक्षक प्यारे लाल जुरी, प्रगतिशील जैविक कृषक सुरेश कुमार नाग, कृषक संघ के अध्यक्ष मधुसूदन ठाकुर, सहकारिता विभाग के सहायक आयुक्त गौतम ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

