भिलाई स्टील प्लांट में सुरक्षा के साथ मानसिक मजबूती पर जोर

‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ में चार विभागों के 139 कार्मिक हुए शामिल
भिलाई, 19 अगस्त। भिलाई इस्पात संयंत्र में सुरक्षा संस्कृति को और मजबूत करने के लिए ‘इको केयर एवं आपदा प्रबंधन अभियान’ के तहत जागरूकता सत्र आयोजित किए गए। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इन सत्रों में मानसिक एवं भावनात्मक सुदृढ़ता, संकट के समय शांतचित्त निर्णय लेने और आपात स्थिति में प्रभावी प्रतिक्रिया की तैयारी पर जोर दिया गया।
संयंत्र के प्लेट मिल, मैकेनिकल एवं यूटिलिटीज, कोक ओवन एवं कोल केमिकल विभाग तथा स्टील मेल्टिंग शॉप-2 के कुल 139 कार्मिकों ने प्रशिक्षण में भाग लिया। इनमें प्लेट मिल के 23, मैकेनिकल एवं यूटिलिटीज के 47, कोक ओवन एवं कोल केमिकल के 39 और स्टील मेल्टिंग शॉप-2 के 30 कर्मचारी शामिल रहे।
संकट में संयम और त्वरित निर्णय पर जोर
कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार की संकल्पना एवं मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य कर्मचारियों में सकारात्मक सोच, मानसिक-भावनात्मक मजबूती और संकट की परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना था। सत्र में बताया गया कि औद्योगिक दुर्घटना या आपात स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा उपकरणों के साथ कर्मचारियों का मानसिक संतुलन, सजगता और आपसी समन्वय भी महत्वपूर्ण है।
सत्रों का संचालन बीके भरत भूषण, ब्रह्मकुमार पीयूष, प्रोफेसर ओंकार चंद शर्मा और बीके बहन अंजलि ने किया। वक्ताओं ने तनाव प्रबंधन, आंतरिक स्थिरता, भावनात्मक सुदृढ़ता और दबाव की स्थिति में शांत रहकर निर्णय लेने के महत्व पर प्रकाश डाला।
सुरक्षा संस्कृति को मिलेगा नया आयाम
मानव संसाधन विभाग द्वारा समन्वित इस पहल में कर्मचारियों को अप्रत्याशित परिस्थितियों में घबराने के बजाय संयम, सकारात्मक सोच और जिम्मेदारी के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए प्रेरित किया गया। BSP के अनुसार मानसिक रूप से मजबूत और भावनात्मक रूप से संतुलित कर्मचारी आपातकालीन परिस्थितियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना कर सकते हैं।
महाप्रबंधक (मानव संसाधन-वर्क्स) संजय द्विवेदी के नेतृत्व में कार्यक्रम का समन्वय किया गया। PIB के अनुसार यह पहल कर्मचारी कल्याण और कार्यस्थल पर समग्र सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

