कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने किया इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय का दौरा

रायपुर। कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर का दौरा कर विश्वविद्यालय में उपलब्ध शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों तथा अधोसंरचनाओं का जायजा लिया। उनके साथ कृषि संचालक राहुल देव भी मौजूद रहे। कृषि उत्पादन आयुक्त का पदभार संभालने के बाद यह उनका विश्वविद्यालय का पहला दौरा था।

दौरे के दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की अनुसंधान प्रयोगशालाओं, कृषि अनुसंधान परियोजनाओं, इन्क्यूबेशन सुविधाओं तथा अनुसंधान प्रक्षेत्र का अवलोकन किया। उन्होंने औषधीय एवं सुगंधित फसलों, टिश्यू कल्चर लैब में तैयार किए जा रहे केला, गन्ना और बांस के ऊतक संवर्धित पौधों के साथ ही कृषि संग्रहालय और विश्वविद्यालय के विक्रय केंद्र का निरीक्षण किया। इसके अलावा भारत सरकार द्वारा स्थापित आधुनिक मौसम वेधशाला का भी अवलोकन कर उसकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने डॉ. आर.एल. रिछारिया जैव प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला और बायोटेक पार्क का भी निरीक्षण किया। कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने उन्हें बताया कि विश्वविद्यालय में भारत का सबसे बड़ा और विश्व का दूसरा सबसे बड़ा धान जर्मप्लाज्म संग्रह सुरक्षित रखा गया है, जिसमें धान की 23,250 पारंपरिक किस्मों का संरक्षण किया गया है। इनमें कई किस्में औषधीय एवं पोषक गुणों से भरपूर हैं और नई उन्नत धान किस्मों के विकास में इनका उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा अन्य फसलों की 6 हजार से अधिक किस्मों का भी संरक्षण किया जा रहा है।
उन्होंने क्रॉप बायोफोर्टिफिकेशन लैब में संजीवनी राइस, जिंको राइस, न्यूट्री रिच राइस जीनोटाइप तथा बांस टिश्यू कल्चर पर किए जा रहे अनुसंधान कार्यों का अवलोकन किया। साथ ही फाइटोसेनेटरी लैब की गतिविधियों की भी जानकारी ली।
इससे पूर्व प्रशासनिक भवन में आयोजित बैठक में कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विश्वविद्यालय की शिक्षण, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों तथा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। कृषि उत्पादन आयुक्त ने विश्वविद्यालय द्वारा कृषि और किसानों की समृद्धि के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार कृषि विश्वविद्यालय के विकास के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। बैठक में कुलसचिव, संचालक अनुसंधान, निदेशक शिक्षण, निदेशक विस्तार सेवाएं, अधिष्ठाता छात्र कल्याण सहित विभिन्न महाविद्यालयों के अधिष्ठाता एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।


