सेवा सेतु से आसान हुआ विवाह पंजीयन, अंकिता ओयम को समय पर मिला प्रमाण-पत्र

रायपुर। राज्य शासन की महत्वाकांक्षी सेवा सेतु पहल ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुशासन का प्रभावी माध्यम बनकर उभर रही है। इस व्यवस्था के जरिए लोगों को अब शासकीय सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे हैं। आय, जाति, निवास और विवाह पंजीयन सहित अनेक प्रमाण-पत्र अब सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
बीजापुर जिले के ग्राम भुसापुर, तहसील उसूर निवासी अंकिता ओयम को भी सेवा सेतु केंद्र के माध्यम से समय पर विवाह पंजीयन प्रमाण-पत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने तहसील कार्यालय उसूर स्थित सेवा सेतु केंद्र में आवेदन किया था। निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन का शीघ्र निराकरण करते हुए उन्हें समय पर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराया गया। प्रमाण-पत्र का वितरण सेवा सेतु केंद्र की प्रबंधक मंजुलता दुर्गम और शंकर मोडियम ने किया। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होने के कारण उन्हें किसी प्रकार की अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ी।
अंकिता ओयम ने बताया कि पहले विवाह पंजीयन जैसे कार्यों के लिए कई बार अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते थे। लेकिन सेवा सेतु केंद्र में आवेदन करना आसान रहा और निर्धारित समय के भीतर प्रमाण-पत्र मिल गया। इससे उनके आवश्यक कार्य भी बिना किसी परेशानी के पूरे हो सके। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु केंद्र ग्रामीण लोगों के लिए बेहद उपयोगी सुविधा साबित हो रहा है, जिससे शासकीय सेवाएं घर के नजदीक, पारदर्शी और समय पर मिल रही हैं।
राज्य शासन द्वारा संचालित सेवा सेतु केंद्रों के माध्यम से आय, जाति, स्थानीय निवास, विवाह पंजीयन सहित अनेक शासकीय सेवाएं समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत बनाने के साथ-साथ नागरिकों को सरल, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी साबित हो रही है।


