पंचायत विकास योजना एवं पंचायत उन्नति सूचकांक पर जिला पंचायत सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण संपन्न

AP न्यूज़ विश्वराज ताम्रकार जिला ब्यूरो चीफ KCG
खैरागढ़-छुईखदान-गंडई। राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत पंचायत विकास योजना (पीडीपी) 2026-27 एवं पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) विषय पर जिला पंचायत खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के मैकाल सदन सभा कक्ष में जिला पंचायत सदस्यों का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ।
प्रशिक्षण का आयोजन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रेम कुमार पटेल के मार्गदर्शन में किया गया। कार्यक्रम में उप संचालक पंचायत एवं प्राचार्य जिला पंचायत संसाधन केंद्र गीत कुमार सिन्हा, जिला अंकेक्षक मोहित राम ध्रुव तथा जिला समन्वयक आरजीएसए मनोज कुमार साहू ने विषय विशेषज्ञ के रूप में सदस्यों को विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण के दौरान वर्ष 2026-27 की पंचायत विकास योजना तैयार करने की प्रक्रिया, 16वें वित्त आयोग के नवीन प्रावधानों तथा पंचायत उन्नति सूचकांक (पीएआई) के 9 थीमों के आधार पर ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) निर्माण की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के तहत टाइड ग्रांट एवं अनटाइड ग्रांट का प्रावधान किया गया है। टाइड ग्रांट की राशि का उपयोग केवल पेयजल आपूर्ति एवं स्वच्छता संबंधी कार्यों में किया जा सकेगा।
प्रशिक्षकों ने पीएआई के नौ प्रमुख विषयों—गरीबी मुक्त पंचायत, स्वस्थ पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, जल पर्याप्त पंचायत, स्वच्छ पंचायत, आत्मनिर्भर पंचायत, सामाजिक रूप से सुरक्षित पंचायत, सुशासित पंचायत एवं महिला हितैषी पंचायत—पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही eGramSwaraj Portal 2.0 पर पंचायत विकास योजना को ऑनलाइन दर्ज करने की प्रक्रिया का लाइव प्रदर्शन भी किया गया।
बताया गया कि ग्राम पंचायत विकास योजना ग्राम सभा के माध्यम से तैयार की जाएगी तथा सभी पंचायतों को 30 जून 2026 तक अनिवार्य रूप से योजना पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। ग्राम सभा की वीडियो रिकॉर्डिंग एवं जियो-टैग्ड फोटो अपलोड करना भी अनिवार्य रहेगा। पंचायत स्तर पर स्वयं के आय स्रोतों में वृद्धि करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रदर्शन आधारित अनुदान (परफॉर्मेंस ग्रांट) भी प्रदान किया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अरुणा राजू सिंह बनाफार, हेमलता मांडवी, भुनेश्वरी जीवन देवांगन, जमुना नरेश कुर्रे, ललित चोपड़ा, दिनेश वर्मा सहित सभी सभापति एवं जिला पंचायत सदस्य उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को व्यवहारिक, ज्ञानवर्धक एवं पंचायतों के समग्र विकास के लिए उपयोगी बताया।
