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“ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के साथ-साथ सोकपिट निर्माण हेतु ग्रामीणों को करे प्रेरित: सीईओ अभिषेक अग्रवाल

ओडीएफ प्लस जिला बनाए जाने के लिए निरंतर हो रहा प्रयास

कवर्धा। जिले को ओडीएफ प्लस बनाने के उद्देश्य से कलेक्टर कबीरधाम गोपाल वर्मा के मार्गदर्शन में स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के मैदानी कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विभागीय टीम गठित कर अलग-अलग ग्रामों में दौरा कर बैठके,घर-घर संपर्क कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।साथ ही ठोस अपशिस्ट प्रबंधन नियम 2026 के विषय पर ग्रामीणों को जानकारी दी जा रही है।इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कबीरधाम अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के नए नियम के साथ-साथ सोकपिट निर्माण, नाडेप टैंक निर्माण एवं इसका उपयोग करने ग्रामीणों को प्रेरित किया जा रहा है। जिसमे बताया जा रहा हैं की स्वच्छता सिर्फ कचरा उठाने तक सीमित नहीं है। बल्कि पानी के सही निपटान के लिए हर घर में सोकपिट बनाना भी जरूरी है।साथ ही साथ सामुदायिक स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने आगे बताया कि जिला प्रशासन द्वारा सभी सरपंच, सचिव एवं स्व-सहायता समूहों को लगातार ग्रामीणों के साथ संवाद स्थापित कर 02 अक्टूबर 2026 तक कबीरधाम को ओडीएफ प्लस जिला बनाने में सहयोग करने कहा जा रहा है,क्योंकि सामूहिक प्रयास से ही इसे पूरा किया जा सके।

अभियान की मुख्य बातें…!

1. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026:

गांव-गांव जाकर प्रत्येक घरो में 4 प्रकार के कचरा डिब्बा व्यवस्था जिसमे हरा, नीला, लाल, काला डिब्बा रखने की समझाइश दी रही है। स्वच्छता दीदियों द्वारा अलग-अलग कचरा संग्रहण कर इसका सत्यापन कर रही है!

2. सोकपिट निर्माण पर जोर:

घरों से निकलने वाले ग्रे वाटर और सेप्टिक टैंक से निकलने वाले ब्लैक वाटर के समुचित निपटान के लिए सोकपिट निर्माण हेतु ग्रामीणों को तकनीकी जानकारी एवं प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

3. अन्य गतिविधियां:

मैदानी कर्मचारी द्वारा वर्मी कंपोस्ट,वॉल पेंटिंग, नारा लेखन, महिला समूहों की बैठक एवं स्कूलों में बच्चों के माध्यम से स्वच्छता का संदेश पहुंचाया जा रहा है। खुले में कचरा फेंकने पर ग्राम पंचायत द्वारा जुर्माने का प्रावधान भी बताया जा रहा है। सामुदायिक शौचालय के उपयोग एवं इसके रखरखाव, व्यक्तिगत शौचालय के उपयोग इत्यादि विषय पर भी ग्रामों में फोकस किया जा रहा है।

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