खरीफ सीजन में खेती ने पकड़ी रफ्तार, 20.14 लाख हेक्टेयर में हुई बोनी
प्रदेश में किसानों को 7.78 लाख मीट्रिक टन खाद और 3.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण, अब तक 248.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज
रायपुर, 9 जुलाई। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन के दौरान खेती-किसानी का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेश में अब तक 20.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी, अरहर, मूंग, मूंगफली, तिल और रामतिल सहित विभिन्न फसलों की बोनी पूरी हो चुकी है। यह इस वर्ष निर्धारित 48.69 लाख हेक्टेयर के लक्ष्य का लगभग 41 प्रतिशत है।
राज्य सरकार ने किसानों को खेती के लिए पर्याप्त खाद और प्रमाणित बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की है। किसानों को अब तक 7.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरक तथा 3.62 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित किए जा चुके हैं। कृषि विभाग के अनुसार यह वितरण किसानों की मांग के अनुरूप लगातार जारी है।
खाद-बीज की उपलब्धता पर विशेष निगरानी
कृषि विभाग ने खरीफ 2026 के लिए 4.95 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण का लक्ष्य रखा है। इसके लिए 4.56 लाख क्विंटल बीज का भंडारण किया गया, जिनमें से अब तक 3.62 लाख क्विंटल बीज किसानों को वितरित किया जा चुका है, जो मांग का लगभग 71 प्रतिशत है।
इसी तरह इस सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके मुकाबले सहकारी और निजी क्षेत्र में 13.55 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 7.78 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 57 प्रतिशत है।
248.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज
प्रदेश में 9 जुलाई तक 248.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है, जबकि राज्य की औसत वार्षिक वर्षा 1246.3 मिलीमीटर है। पर्याप्त वर्षा के चलते खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आई है और किसानों में उत्साह का माहौल है।
कृषि विभाग ने खाद-बीज वितरण व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद और बीज उपलब्ध कराने तथा वितरण व्यवस्था की लगातार निगरानी करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।


