असंगठित श्रमिकों के लिए नई योजनाएं बनेगी, ई-रिक्शा अनुदान बढ़कर एक लाख रुपये

श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक, गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए भी बनेगी विशेष योजना

रायपुर, 9 जुलाई। छत्तीसगढ़ सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा दायरे का विस्तार करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मंत्रालय महानदी भवन में श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल की पहली बैठक में श्रमिकों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक में ई-रिक्शा सहायता योजना के तहत दी जाने वाली अनुदान राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये करने का निर्णय लिया गया। सरकार का मानना है कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को स्वरोजगार शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी और उनकी आय बढ़ेगी।
गिग वर्कर्स और चरवाहों के लिए बनेगी नई योजना
बैठक में डिलीवरी कार्य करने वाले गिग वर्कर्स को भी सामाजिक सुरक्षा मंडल के दायरे में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इनके लिए अलग से कल्याणकारी योजना तैयार की जाएगी। इसके अलावा चरवाहों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए भी विशेष योजना बनाई जाएगी।
असंगठित क्षेत्र के प्रतिभाशाली और मेधावी बच्चों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने हेतु नई प्रोत्साहन योजना शुरू करने पर सहमति बनी। श्रमिकों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए व्यापक बीमा योजना तैयार करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन अनिवार्य
श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडल में पंजीकृत सभी श्रमिकों का शत-प्रतिशत ई-केवाईसी और आधार आधारित पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाओं का लाभ केवल पात्र हितग्राहियों तक ही पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए पाम्पलेट और चित्रमय पुस्तिकाएं तैयार करने तथा श्रमिकों के आवेदनों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में विधायक चैतराम अटामी, विधायक सुशांत शुक्ला, श्रम विभाग के सचिव हिमशिखर गुप्ता, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, अपर श्रमायुक्त एस.एल. जांगड़े, उप सचिव विपुल गुप्ता, उप श्रमायुक्त एस.एस. पैकरा, वित्त विभाग तथा भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


