लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा से नहीं होगा समझौता : अरुण साव

उप मुख्यमंत्री ने विभागीय कार्यों की समीक्षा की, नए कार्यों के आदेश सितंबर-अक्टूबर तक जारी करने के निर्देश

रायपुर, 9 जुलाई। उप मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित निर्माण भवन में लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, मॉनिटरिंग और समय-सीमा का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग राज्य के विकास का ‘ग्रोथ इंजन’ है और प्रदेश के अधोसंरचना विकास की सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी इसी विभाग पर है।
समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर में निर्माणाधीन और प्रस्तावित सड़क, पुल-पुलिया तथा भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड में जाकर निरीक्षण करने, कार्यों की बारीकी से निगरानी रखने तथा ठेकेदारों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सितंबर-अक्टूबर तक जारी होंगे नए कार्यों के आदेश
अरुण साव ने कहा कि सभी आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाएं समय पर पूरी कर सितंबर-अक्टूबर तक नए कार्यों के कार्यादेश जारी किए जाएं, ताकि बारिश समाप्त होते ही निर्माण कार्य पूरी गति से शुरू किए जा सकें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि विभाग के अभियंताओं की कार्यक्षमता फील्ड में दिखाई देनी चाहिए और पुरानी कार्यशैली छोड़कर परिणाम आधारित कार्य संस्कृति अपनानी होगी।
समय पर भुगतान और तय समय में निर्माण पूरा करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने ठेकेदारों द्वारा किए गए कार्यों के बिल समय पर तैयार कर हर माह भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क, पुल-पुलिया, स्कूल, कॉलेज, ऑडिटोरियम, कार्यालय और आवासीय भवनों सहित सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। अनुबंध में तय माइलस्टोन के अनुसार प्रगति सुनिश्चित करने और कार्यों में अनावश्यक देरी नहीं होने देने पर भी जोर दिया।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
अरुण साव ने स्पष्ट कहा कि जिन ठेकेदारों द्वारा अनुबंध के अनुरूप कार्यों में अपेक्षित प्रगति नहीं लाई जाएगी, उन्हें ब्लैकलिस्ट करने और उनके अनुबंध समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पहुंचविहीन गांवों तक सालभर आवागमन सुनिश्चित करने के लिए नई सड़क और पुल परियोजनाओं के प्रस्ताव प्राथमिकता से तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने भू-अर्जन से जुड़े मामलों में तेजी लाने के लिए राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ कार्यपालन अभियंताओं, अनुविभागीय अधिकारियों और उप अभियंताओं की कार्यशाला आयोजित करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने अधिकारियों को मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों द्वारा अनुशंसित कार्यों सहित द्रुतगामी सड़क परियोजनाओं, पहुंचविहीन गांवों की सड़कों और जिला स्तरीय प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन 31 अगस्त तक भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभिन्न शहरों में निर्माणाधीन ऑडिटोरियम पूर्ण होने के बाद उन्हें संबंधित विभागों और नगरीय निकायों को शीघ्र हस्तांतरित करने के लिए भी कहा।
बैठक में प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, सभी परिक्षेत्रों के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता तथा कार्यपालन अभियंता मौजूद रहे।


