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कांग्रेस नेताओं एवं नकटी गांव के पीड़ितों से मिले महामहिम राज्यपाल, गांव में ही पुनर्व्यवस्थापन का दिया आश्वासन

पीड़ित महिलाओं ने रो-रोकर सुनाई आपबीती, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की उठी मांग

रायपुर/17 जुलाई 2026। कांग्रेस नेताओं एवं नकटी गांव में प्रभावित 85 गरीब परिवारों के प्रतिनिधिमंडल ने आज महामहिम राज्यपाल से मुलाकात कर अपनी पीड़ा और समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान महामहिम राज्यपाल ने पीड़ित परिवारों की समस्याओं को अत्यंत संवेदनशीलता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना। पीड़ित महिलाओं की आपबीती सुनने के बाद उन्होंने प्रभावित परिवारों को आश्वस्त किया कि उनके मामले पर गंभीरता से विचार किया जाएगा तथा नकटी गांव में ही उनके पुनर्व्यवस्थापन के संबंध में सकारात्मक पहल करने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की सहमति जताई।

राज्यपाल से मुलाकात के दौरान पीड़ित महिलाओं ने भावुक होकर रो-रोकर अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा आधी रात में उनके मकानों को तोड़ दिया गया, जिससे उनका जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। उन्होंने कहा कि मकान टूटने के बाद उनके बच्चों की पढ़ाई बंद हो गई है, बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं, घरों में रखा राशन बारिश में भीगकर खराब हो गया तथा परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

पीड़ित परिवारों ने राज्यपाल से मांग की कि इस अमानवीय कार्रवाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त नोटिस, बिना वैकल्पिक व्यवस्था और बिना मानवीय संवेदनाओं का ध्यान रखे प्रशासन ने मकान ध्वस्त कर दिए।

मुलाकात के दौरान ग्रामीणों ने यह भी बताया कि मकान तोड़े जाने की कार्रवाई के बाद गांव के 100 से अधिक मवेशी (गाय) लापता हो गए हैं, एवं मलमे में दब गए है जिससे गरीब परिवारों के सामने आजीविका का भी गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

सम्मिलित चारागाह से जुड़े परिवारों के प्रतिनिधियों ने भी महामहिम राज्यपाल को बताया कि उनके पूर्वजों ने गांव के सामूहिक हित एवं पशुओं के चराई क्षेत्र के लिए अपनी भूमि छोड़ी थी। इसके बावजूद आज उन्हीं परिवारों के साथ अन्यायपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।

ग्राम पंचायत के सरपंच ने भी राज्यपाल के समक्ष स्पष्ट रूप से कहा कि नकटी गांव में मकान तोड़ने की कार्रवाई बिना ग्राम सभा की सहमति और बिना ग्राम पंचायत की अनुमति के की गई, जो पंचायत राज व्यवस्था की भावना एवं कानूनी प्रक्रिया के विपरीत है। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों को विश्वास में लिए बिना प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई कर ग्रामीणों के अधिकारों का उल्लंघन किया है।

प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मांग की कि नकटी गांव के सभी प्रभावित परिवारों का गांव में ही स्थायी पुनर्व्यवस्थापन किया जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए तथा बच्चों की शिक्षा, राशन, पेयजल, बिजली एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

महामहिम राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल की सभी बातों को गंभीरता एवं सहानुभूतिपूर्वक सुना तथा आश्वस्त किया कि प्रभावित परिवारों के साथ न्याय सुनिश्चित करने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

प्रतिनिधि मंडल में पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, पूर्व विधायक अनिता शर्मा, पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, रायपुर शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार शंकर मेनन, रायपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, पूर्व महापौर प्रमोद दुबे, पूर्व महापौर एजाज ढेबर, पूर्व विधायक प्रत्याशी पंकज शर्मा, प्रदेश युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष अ.पि.वर्ग विभाग भावेश बघेल, धरसीवा ब्लाक अध्यक्ष आशीष वर्मा, प्रभावित ग्रामीण गण सोनी यादव, धनेश्वरी यादव, रानी साहू, रूपा साहू, चमेली साहू, कमल नारायण साहू, मनहरण साहू शामिल थे।

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