सरदार पटेल के आदर्शों से सामाजिक एकता और विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा मजबूत : गुरु खुशवंत साहेब

31 अक्टूबर को नरदहा में होगा आयोजन, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में सभाकक्ष का लोकार्पण और प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन


रायपुर। लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ मनवा कुर्मी क्षत्रिय समाज द्वारा 31 अक्टूबर को रायपुर के नरदहा स्थित बहुउद्देशीय भवन में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे, जबकि कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान पुण्य स्मरण समारोह, नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण, प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।
समाज के केंद्रीय अध्यक्ष खोड़े़दास राम कश्यप कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। आयोजन में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, राजस्व मंत्री टंकाराम वर्मा, रायपुर लोकसभा सांसद बृजमोहन अग्रवाल, दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल और राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा सहित अन्य अतिथियों के शामिल होने की जानकारी दी गई है।
सरदार पटेल के आदर्शों पर चलने का आह्वान
मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन राष्ट्रसेवा, दृढ़ इच्छाशक्ति, अनुशासन और संगठन की शक्ति का प्रतीक है। देश की रियासतों के एकीकरण में उनके योगदान ने भारत की एकता और अखंडता को मजबूत आधार दिया। उनकी जयंती केवल स्मरण का अवसर नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लेने का दिन है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक एकता किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। शिक्षा, संस्कार, आपसी सहयोग और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराकर समाज की प्रगति को गति दी जा सकती है। विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए समाज के सभी वर्गों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
सभाकक्ष का लोकार्पण और भवन का भूमिपूजन
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण बहुउद्देशीय भवन के नवनिर्मित सभाकक्ष का लोकार्पण और प्रस्तावित भवन का भूमिपूजन होगा। इन सुविधाओं से समाज को सामाजिक संवाद, विचार-विमर्श, सांस्कृतिक गतिविधियों, युवाओं के मार्गदर्शन और सामूहिक आयोजनों के लिए मंच उपलब्ध होगा।
मंत्री ने कहा कि सामाजिक संस्थाओं की भूमिका केवल आयोजन तक सीमित नहीं है। शिक्षा को बढ़ावा देना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना, युवाओं का मार्गदर्शन करना और जरूरतमंदों की सहायता करना भी सामाजिक संगठनों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
डॉ. खूबचंद बघेल शिक्षण समिति की रजत जयंती पर सांस्कृतिक कार्यक्रम
डॉ. खूबचंद बघेल शिक्षण समिति की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इसके माध्यम से समाज की सांस्कृतिक विरासत, परंपराओं और गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संस्कृति और विकास एक-दूसरे के पूरक हैं। परंपराओं का सम्मान करते हुए शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और आधुनिक अवसरों की दिशा में आगे बढ़ना समय की जरूरत है।
सामाजिक समरसता और जनभागीदारी पर जोर
मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक सद्भाव और सामूहिक सहयोग की भावना से है। सरकार और सामाजिक संगठनों के बीच बेहतर समन्वय से जनकल्याणकारी योजनाओं तथा विकास के प्रयासों को समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने सरदार पटेल की जयंती पर सामाजिक एकता मजबूत करने, महापुरुषों के आदर्शों का अनुसरण करने और जनकल्याण के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।


