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डीएमएफ से बलौदाबाजार जिले के स्कूलों का होगा कायाकल्प, 1.65 करोड़ के विकास कार्य मंजूर

ग्रामीण स्कूलों में बनेंगे अतिरिक्त कक्ष, किचन शेड और प्रार्थना शेड, शिक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती

रायपुर, 9 जुलाई। बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूली शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से 1.65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इस राशि से बलौदाबाजार, पलारी और सिमगा विकासखंड के कई सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्ष, किचन शेड और प्रार्थना शेड का निर्माण कराया जाएगा।

सरकारी स्कूलों में लंबे समय से कक्षों की कमी, मध्याह्न भोजन बनाने के लिए सुरक्षित किचन और प्रार्थना स्थल जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ था। स्वीकृत विकास कार्यों से इन समस्याओं का समाधान होगा और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जा सकेगा।

कई स्कूलों को मिली सौगात

12 जून 2026 को सिमगा विकासखंड के परसवानी और भालेसुर के पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। वहीं फूलवारी और तिल्दाबांधा प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए कुल 20 लाख रुपये मंजूर किए गए।

18 जून को बलौदाबाजार विकासखंड के प्राथमिक शाला चिचोली, मगरवाय, केशडबरी तथा पूर्व माध्यमिक शाला खम्हरिया-चापा और धवई में पांच-पांच लाख रुपये की लागत से पांच किचन शेड स्वीकृत किए गए। इसके अलावा करमनडीह और खम्हरिया यदु की प्राथमिक शालाओं में दो-दो अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 10-10 लाख रुपये मंजूर किए गए।

7 जुलाई 2026 को सिमगा और बलौदाबाजार विकासखंड के चंडी, फरहदा, केसली, मटिया, रवेली, भाटागांव, खैरघटा, कोलियारी, कुकुरदी और मगरवाय सहित 10 गांवों के स्कूलों में दो-दो अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए प्रति स्कूल 10 लाख रुपये के मान से कुल एक करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई।

बच्चों के भविष्य में निवेश : टंक राम वर्मा

राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल भवन बनाना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि डीएमएफ की राशि का वास्तविक लाभ खनिज प्रभावित क्षेत्रों के लोगों तक पहुंचना चाहिए और सरकार उसी दिशा में कार्य कर रही है।

मंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में किया जा रहा यह निवेश आने वाली पीढ़ियों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। बेहतर कक्ष, स्वच्छ किचन और व्यवस्थित प्रार्थना शेड जैसी सुविधाओं से न केवल विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

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