शाला प्रवेशोत्सव से बीजापुर में शिक्षा को मिली नई उड़ान, 37 बंद विद्यालय फिर खुले, बच्चों के चेहरों पर लौटी मुस्कान


रायपुर, 2 जुलाई 2026। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे प्रयासों के तहत बीजापुर जिले में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव ने शिक्षा के क्षेत्र में नई उम्मीद जगाई है। इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप की उपस्थिति में नवप्रवेशी विद्यार्थियों का आत्मीय स्वागत किया गया तथा लंबे समय से बंद पड़े 37 विद्यालयों का पुनः संचालन शुरू किया गया।
एजुकेशन सिटी में आयोजित शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम में सांसद महेश कश्यप ने नवप्रवेशी बच्चों को तिलक लगाकर, पुष्प भेंट कर और अध्ययन सामग्री देकर विद्यालय परिवार में उनका स्वागत किया। विद्यार्थियों को निःशुल्क गणवेश, स्कूल बैग तथा अन्य शैक्षणिक सामग्री भी वितरित की गई। इससे बच्चों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला।
कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि जिले के 37 बंद विद्यालयों का दोबारा शुरू होना रही। इन विद्यालयों के पुनः संचालन से दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों के बच्चों को अब अपने गांव अथवा आसपास ही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे उन विद्यार्थियों को भी राहत मिलेगी जिन्हें पहले पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी या जिन्होंने विद्यालय बंद होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। प्रशासन का मानना है कि इस पहल से ड्रॉपआउट बच्चों को भी फिर से शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में मदद मिलेगी।
शाला प्रवेशोत्सव के दौरान बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों तथा शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस सम्मान से विद्यार्थियों और शिक्षकों का मनोबल बढ़ा तथा शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिली।
इस अवसर पर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि शिक्षा ही विकसित समाज और मजबूत राष्ट्र की आधारशिला है। केंद्र और राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा शिक्षकों से पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने का आग्रह किया।
जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी नम्रता चौबे ने कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष जानकी कोरसा ने विशेष रूप से बालिका शिक्षा पर जोर देते हुए अभिभावकों से बेटियों की नियमित पढ़ाई सुनिश्चित करने की अपील की।
जिला प्रशासन का मानना है कि शाला प्रवेशोत्सव और 37 विद्यालयों के पुनः संचालन जैसी पहलें केवल स्कूल खोलने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच बढ़ाने, बच्चों को विद्यालयों से जोड़ने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। यह पहल बीजापुर जैसे आदिवासी एवं वनांचल जिले में शिक्षा की तस्वीर बदलने के साथ-साथ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार कर रही है।



