छत्तीसगढ़ में अब बिना लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम वाली यात्री बसों पर होगी कार्रवाई

परिवहन सचिव ने बस संचालकों एवं अधिकृत वेंडरों की बैठक लेकर दिए निर्देश
रायपुर, 25 जून 2026। छत्तीसगढ़ में यात्रियों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग ने सभी यात्री बसों में वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) लगाना और उसे सक्रिय रखना अनिवार्य कर दिया है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर नियमों का पालन नहीं करने वाले बस संचालकों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम, 1988 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने नवा रायपुर स्थित इंद्रावती भवन के परिवहन कार्यालय में बस संचालकों और विभाग द्वारा अधिकृत वीएलटीडी वेंडरों की संयुक्त बैठक लेकर व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन बसों में अभी तक वीएलटीडी नहीं लगाया गया है, उनमें 15 दिनों के भीतर इसे अनिवार्य रूप से स्थापित किया जाए। जिन वाहनों में डिवाइस लगी हुई है लेकिन सक्रिय नहीं है, उसे तत्काल चालू कराया जाए।
परिवहन विभाग के अनुसार वर्ष 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी में हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं के बाद सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों एवं भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप यह निर्णय लिया गया है। इसका उद्देश्य विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों तथा अन्य यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
राज्य मुख्यालय के कमांड एवं नियंत्रण केंद्र से सभी बसों की गतिविधियों की निगरानी की जाएगी। उपग्रह आधारित ट्रैकिंग प्रणाली के माध्यम से यह पता लगाया जा सकेगा कि बस निर्धारित मार्ग पर चल रही है या नहीं तथा उसका संचालन समयानुसार हो रहा है या नहीं। वहीं, यात्रियों को भी ‘संगवारी’ ऐप के माध्यम से बसों की रियल-टाइम लोकेशन की जानकारी उपलब्ध होगी।
अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर ने बताया कि राज्य के सभी जिलों में स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (एएनपीआर) कैमरे तथा बुद्धिमान यातायात प्रबंधन प्रणाली (आईटीएमएस) स्थापित की जा रही है। इससे यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की तत्काल पहचान कर कार्रवाई की जा सकेगी।
उल्लेखनीय है कि वाहन लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस एक उपग्रह आधारित तकनीक है, जो वाहन की वास्तविक समय की लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी नियंत्रण केंद्र तक पहुंचाती है। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता उपलब्ध कराने में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
परिवहन विभाग ने स्पष्ट किया है कि 15 दिन की निर्धारित मोहलत समाप्त होने के बाद बिना सक्रिय वीएलटीडी संचालित होने वाली यात्री बसों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।




