रामलला दर्शन योजना से साकार हो रही श्रद्धालुओं की आस्था

कबीरधाम के 898 श्रद्धालुओं ने किए अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ के दर्शन, निःशुल्क यात्रा से मिल रही आत्मिक संतुष्टि
कवर्धा, 10 अगस्त 2026। आर्थिक परिस्थितियों के कारण जिन श्रद्धालुओं के लिए अयोध्या धाम में प्रभु श्रीरामलला और काशी विश्वनाथ के दर्शन का सपना अधूरा रह जाता था, उनके लिए छत्तीसगढ़ शासन की रामलला दर्शन योजना आस्था को साकार करने का माध्यम बन रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित इस योजना के माध्यम से कबीरधाम जिले के अब तक 898 श्रद्धालु अयोध्या धाम एवं काशी विश्वनाथ के दर्शन कर चुके हैं।
योजना के तहत श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेन से निःशुल्क यात्रा के साथ भोजन, आवास, चिकित्सा, सुरक्षा और स्थानीय परिवहन जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। श्रद्धालुओं का कहना है कि योजना के कारण बिना आर्थिक बोझ के उन्हें अपने आराध्य के दर्शन का सौभाग्य मिला और यह यात्रा उनके जीवन का अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव बन गई।
धनसिंह यादव के लिए यादगार रहा सफर
ग्राम खारा निवासी श्री धनसिंह यादव ने बताया कि रामलला दर्शन योजना के तहत उन्हें निःशुल्क अयोध्या यात्रा का अवसर मिला। विशेष ट्रेन में भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं सहित यात्रियों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं की गई थीं। जिला प्रशासन की ओर से सहयोगी भी यात्रियों के साथ मौजूद रहे और उनकी सुविधाओं एवं जरूरतों का लगातार ध्यान रखा।
उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम के दर्शन का यह सफर उनके लिए बेहद सुखद और यादगार रहा। उन्होंने योजना के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
धार्मिक पर्यटन को मिल रही नई पहचान
रामलला दर्शन योजना श्रद्धालुओं की आस्था को सम्मान देने के साथ प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा दे रही है। योजना के माध्यम से लोगों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे सांस्कृतिक चेतना, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक मूल्यों को भी मजबूती मिल रही है।
जनकल्याण और सांस्कृतिक विरासत का संगम
रामलला दर्शन योजना को श्रद्धा, सेवा और जनकल्याण के समन्वय की पहल के रूप में देखा जा रहा है। योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव किसी श्रद्धालु की धार्मिक आस्था और अपने आराध्य के दर्शन की इच्छा में बाधा न बने। कबीरधाम के 898 श्रद्धालुओं की अयोध्या और काशी यात्रा इस पहल के जमीनी प्रभाव को दर्शाती है।


