लिव-इन पार्टनर को शादी के लिए दबाव डालने के मामले में महिला गिरफ्तार

आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने का आरोप, सिटी कोतवाली पुलिस ने न्यायालय में पेश किया
कवर्धा। लिव-इन पार्टनर को शादी के लिए कथित तौर पर दबाव डालने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के मामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने अमीना ताज (36) को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मृतक को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में बीएनएस की धारा 108 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस के मुताबिक 29 जुलाई को सुमुख दुबे ने सूचना दी थी कि उसके भाई आलोक दुबे ने फांसी लगा ली है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पंचनामा व पोस्टमार्टम की कार्रवाई कर मर्ग जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल, वैज्ञानिक अधिकारी की रिपोर्ट, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों व गवाहों के बयान लिए गए।
मोबाइल और लैपटॉप भी जब्त
जांच के दौरान मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप तथा आरोपी के तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम और घटनास्थल की जांच में मृत्यु फांसी लगाने से दम घुटने के कारण होना पाया गया।
चार साल से लिव-इन में रहने की बात सामने आई
पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आया कि आलोक दुबे करीब चार वर्षों से अमीना ताज के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रहा था। पुलिस जांच के अनुसार आरोपी उस पर मुस्लिम धर्म स्वीकार कर मुस्लिम रीति-रिवाज से विवाह करने के लिए दबाव डालती थी। विवाह नहीं करने पर बलात्कार के मामले में फंसाने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का भी आरोप है।
पुलिस के अनुसार इसी दबाव और प्रताड़ना से परेशान होकर आलोक ने 29 जुलाई को आरोपी के किराये के मकान के बैठक कमरे में वेंटिलेशन से फांसी लगाकर आत्महत्या की।
मर्ग जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने 23 सितंबर को अपराध क्रमांक 413/2026, धारा 108 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद 24 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।
कार्रवाई पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार व अमित कुमार पटेल के मार्गदर्शन तथा डीएसपी मुख्यालय आशीष शुक्ला के दिशा-निर्देशन में की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी और पुलिस टीम की भूमिका रही। पुलिस ने बताया कि प्रकरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विवेचना जारी है।

