125 दिनों के रोजगार से ग्रामीणों को नई उम्मीद, विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन बना सहारा

रायपुर, 4 जुलाई 2026। ग्रामीण परिवारों को अधिक रोजगार और बेहतर आय उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन ने गांवों में नई उम्मीद जगाई है। योजना के तहत रोजगार की अवधि 100 से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने और मजदूरी दर में वृद्धि से ग्रामीण परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
मुंगेली जिले के ग्राम लिम्हा की निवासी गोमती साहू ने योजना का स्वागत करते हुए कहा कि पहले वर्ष में केवल 100 दिनों का रोजगार मिलने से परिवार की जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता था। अब 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलने से आय बढ़ेगी और घरेलू खर्चों का बेहतर प्रबंधन संभव होगा।
गोमती साहू के अनुसार, बढ़ी हुई मजदूरी से बच्चों की शिक्षा, परिवार की दैनिक आवश्यकताओं और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि गांव में ही अधिक दिनों तक रोजगार मिलने से अब रोजगार की तलाश में दूसरे स्थानों पर पलायन की आवश्यकता भी कम होगी।
उन्होंने बताया कि यह मिशन केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण अधोसंरचना निर्माण और आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियों के विकास के माध्यम से गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा।
गोमती साहू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल ग्रामीण परिवारों को आर्थिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक जीवन की दिशा में आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। योजना से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।

