मशरूम उत्पादन से बदली पुष्पा साव की तकदीर, बिहान बना आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार

मशरूम उत्पादन से बदली पुष्पा साव की तकदीर, बिहान बना आत्मनिर्भरता का मजबूत आधार
रायपुर, 25 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का मजबूत माध्यम बनकर उभरा है। रायगढ़ जिले के ग्राम कुरमापाली की पुष्पा साव इसकी प्रेरक मिसाल हैं। कभी दिहाड़ी मजदूरी पर निर्भर रहने वाला उनका परिवार आज मशरूम उत्पादन के सफल व्यवसाय से आत्मनिर्भर बन चुका है।
कुछ वर्ष पहले तक परिवार की आय केवल मजदूरी पर निर्भर थी, जिससे बच्चों की पढ़ाई और घरेलू जरूरतों को पूरा करना मुश्किल होता था। इसी दौरान पुष्पा साव संस्कार स्व-सहायता समूह से जुड़ीं और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के तहत प्रशिक्षण, सामुदायिक निवेश निधि (सीआईएफ) तथा बैंक से वित्तीय सहयोग प्राप्त किया।
सीआईएफ से मिली 10 हजार रुपये की सहायता राशि से उन्होंने घर पर मशरूम उत्पादन शुरू किया। प्रशिक्षण में सीखी तकनीकों का उपयोग करते हुए उन्होंने गुणवत्तापूर्ण उत्पादन पर ध्यान दिया, जिससे उनके उत्पाद की स्थानीय बाजार में अच्छी मांग बनने लगी।
व्यवसाय का विस्तार करने के लिए उन्होंने लगभग 70 हजार रुपये का अतिरिक्त निवेश किया। आज वे मशरूम उत्पादन से सालाना लगभग डेढ़ लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बच्चों की शिक्षा बेहतर हुई है और भविष्य के लिए बचत करना भी संभव हो पाया है। परिवार के पोषण स्तर में भी सकारात्मक सुधार आया है।
पुष्पा साव का कहना है कि यदि उन्हें बिहान का प्रशिक्षण और सहयोग नहीं मिला होता, तो उनका परिवार आज भी मजदूरी पर निर्भर रहता। अब वे सम्मानपूर्वक अपना व्यवसाय संचालित कर रही हैं और गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से प्रदेश की लाखों महिलाओं को वित्तीय सहायता, कौशल विकास, उद्यमिता प्रशिक्षण और विपणन के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वे आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आय बढ़ाने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही हैं।



