डिजिटल नवाचारों से सशक्त हो रहा छत्तीसगढ़ का सुशासन, सेवा सेतु पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध

ई-गवर्नेंस, एआई, भारतनेट और डिजिटल कनेक्टिविटी से नागरिकों को मिल रही तेज और पारदर्शी सेवाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार का इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग डिजिटल तकनीकों के माध्यम से सुशासन को नई मजबूती देने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। सेवा सेतु पोर्टल, भारतनेट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), साइबर सुरक्षा और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी पहलें प्रदेश में तकनीक आधारित प्रशासन को नई गति दे रही हैं। यह जानकारी विभाग के सचिव अंकित आनंद और चिप्स (CHiPS) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मयंक अग्रवाल ने गुरुवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार नागरिक-केंद्रित डिजिटल सेवाओं के विस्तार और आधुनिक तकनीकों के उपयोग के माध्यम से शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनसुलभ बना रही है।
सेवा सेतु बना सबसे बड़ा डिजिटल नागरिक सेवा मंच
विभाग के अनुसार सेवा सेतु पोर्टल राज्य का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल नागरिक सेवा मंच बन चुका है। मुख्यमंत्री द्वारा 29 अप्रैल 2026 को इसके उन्नत संस्करण का शुभारंभ किया गया था। वर्तमान में इस पोर्टल पर 35 विभागों की 564 सेवाएं उपलब्ध हैं। पिछले ढाई वर्षों में 85 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 78 लाख से अधिक आवेदनों का सफलतापूर्वक निराकरण किया जा चुका है।
राशन कार्ड, विवाह पंजीयन, नल कनेक्शन सहित अनेक सेवाएं अब ऑनलाइन उपलब्ध होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को अपने ही क्षेत्र में सुविधाएं मिल रही हैं। पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल दस्तावेज सत्यापन, क्यूआर कोड आधारित सत्यापन, एसएमएस व व्हाट्सएप अलर्ट तथा ऑनलाइन भुगतान जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
वनांचल तक पहुंच रही डिजिटल कनेक्टिविटी
सचिव अंकित आनंद ने बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) के अंतर्गत आकांक्षी जिलों, एलडब्ल्यूई फेज-2 और 4जी सैचुरेशन परियोजनाओं के माध्यम से दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। जनवरी 2024 से अब तक 1273 मोबाइल टावर ऑन-एयर किए जा चुके हैं।
इसके अलावा भारतनेट फेज-3 के तहत ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ने के लिए 3,928 करोड़ रुपये की स्वीकृति मिली है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट, डिजिटल सेवाओं और फाइबर-टू-द-होम (FTTH) कनेक्टिविटी का विस्तार होगा।
युवाओं के लिए सीएम आईटी फेलोशिप
राज्य के युवाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सीएम आईटी फेलोशिप शुरू की गई है। अंतरराष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) नया रायपुर के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम में प्रदेश के 50 चयनित युवाओं को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण और विभिन्न शासकीय विभागों में कार्यानुभव प्रदान किया जा रहा है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से बढ़ी प्रशासनिक दक्षता
विभाग द्वारा विकसित विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म भी सुशासन को नई मजबूती दे रहे हैं। खनिज ऑनलाइन 2.0 के माध्यम से जनवरी 2024 से जून 2026 के बीच 30,311.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं एकीकृत अपशिष्ट मॉनिटरिंग एवं प्रबंधन प्रणाली (IWMMS), वन क्लिक-सिंगल विंडो सिस्टम 2.0, पारस पोर्टल, बस्तर मुन्ने पोर्टल और डिजिटल द्वार जैसे प्लेटफॉर्म विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना रहे हैं।
एआई मिशन और स्टार्टअप को मिलेगा बढ़ावा
भविष्य की जरूरतों को देखते हुए राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ एआई मिशन (CG-AIM) शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत युवाओं, विद्यार्थियों, स्टार्टअप और शासकीय अधिकारियों के लिए एआई आधारित कौशल विकास और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और एआई डेटा लैब की स्थापना भी की जाएगी।
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग तथा सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के बीच 105.3 करोड़ रुपये की लागत से चार सेंटर ऑफ एंटरप्रेन्योरशिप स्थापित करने के लिए एमओयू किया गया है। इन केंद्रों के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मेडटेक, स्मार्ट सिटी और स्मार्ट कृषि जैसे क्षेत्रों में नवाचार और स्टार्टअप को बढ़ावा मिलेगा।
क्लाउड फर्स्ट नीति से मजबूत होगा डिजिटल इकोसिस्टम
राज्य सरकार डिजिटल गवर्नेंस को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए क्लाउड फर्स्ट नीति लागू कर रही है। इसके माध्यम से सुरक्षित क्लाउड सेवाओं, डेटा सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। विभाग की विभिन्न परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी प्राप्त हो चुके हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सचिव अंकित आनंद ने कहा कि डिजिटल तकनीक केवल शासन को आधुनिक बनाने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक तक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध सेवाएं पहुंचाने का प्रभावी साधन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार एआई, डिजिटल कनेक्टिविटी और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी डिजिटल राज्यों में स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
