सहकारिता क्षेत्र होगा अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी : केदार कश्यप

सहकारिता क्षेत्र होगा अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी : केदार कश्यप
सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर की समीक्षा, अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

रायपुर। सहकारिता मंत्री केदार कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के सभाकक्ष में सहकारिता विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में विभाग की 16 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं और उनके मैदानी क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को किसानों के हित में आवश्यक निर्देश दिए गए।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सहकारिता क्षेत्र को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और किसान हितैषी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्राथमिक कृषि साख समितियों (पैक्स) के माध्यम से प्रत्येक किसान तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल बैंकिंग और आधुनिक सुविधाओं से किसानों का भरोसा सहकारिता व्यवस्था पर और मजबूत होगा।
डेयरी और मत्स्य समितियों को सक्रिय करने के निर्देश
बैठक में मंत्री ने प्रदेश की डेयरी एवं मत्स्य सहकारी समितियों को सक्रिय करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से दुग्ध उत्पादन और प्रसंस्करण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए।
पैक्स के डिजिटलीकरण और ऑडिट में तेजी
मंत्री ने पैक्स के शत-प्रतिशत कंप्यूटरीकरण और ऑडिट प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि वित्तीय व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
खरीफ ऋण वितरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि खरीफ सीजन 2026 के लिए सहकारी बैंकों के माध्यम से 8,800 करोड़ रुपये के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध अब तक 14 लाख से अधिक किसानों को 6,932 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 79 प्रतिशत है। मंत्री ने अधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए।
ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ेंगी डिजिटल बैंकिंग सुविधाएं
ग्रामीण क्षेत्रों में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) का विस्तार, माइक्रो एटीएम की उपलब्धता बढ़ाने तथा डिजिटल बैंकिंग सेवाओं को सुलभ बनाने पर विशेष जोर दिया गया।
गोदाम निर्माण और नवगठित पैक्स की समीक्षा
बैठक में आरआईडीएफ योजना के तहत स्वीकृत गोदाम निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि स्वीकृत 725 गोदामों में से 712 का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 13 गोदामों का निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नवगठित 515 पैक्स के सुचारु संचालन पर भी जोर दिया गया।
जनशिकायतों और धान उपार्जन पर सख्ती
मंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों के शीघ्र निराकरण, न्यायालयीन मामलों में समय पर जवाब प्रस्तुत करने, ई-ऑफिस व्यवस्था लागू करने तथा आधार आधारित उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने धान उपार्जन केंद्रों में शेष बचे धान का पारदर्शी एवं शीघ्र अंतिम निराकरण करने के भी निर्देश दिए।
बैठक में सचिव सहकारिता डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं रमेश शर्मा, मार्कफेड के प्रबंध संचालक जितेंद्र शुक्ला, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. कांडे सहित विभागीय अधिकारी एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित रहे।

