100 से ज्यादा आदिवासी मजदूरों की मजदूरी अटकी, तीन महीने से भुगतान नहीं; दफ्तर पहुंचे मजदूर
कवर्धा। जिले में 100 से ज्यादा आदिवासी मजदूरों की मजदूरी करीब तीन महीने से अटकी होने का मामला सामने आया है। मजदूरी का भुगतान नहीं होने से परेशान मजदूर अपनी समस्या लेकर संबंधित विभाग के दफ्तर पहुंचे और लंबित भुगतान जल्द कराने की मांग की।
बताया जा रहा है कि मजदूरों ने निर्धारित अवधि में काम किया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद भी उन्हें मेहनताना नहीं मिल पाया है। लंबे समय से भुगतान लंबित होने के कारण मजदूरों के सामने आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। मजदूरों का कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों और परिवार के खर्च के लिए मजदूरी ही उनका प्रमुख सहारा है, ऐसे में तीन महीने से भुगतान नहीं मिलने से उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
मजदूरों के दफ्तर पहुंचने के बाद अधिकारियों के समक्ष लंबित मजदूरी का मुद्दा रखा गया। मजदूरों ने मांग की कि उनके कार्य और भुगतान से संबंधित रिकॉर्ड की जांच कर जल्द से जल्द बकाया राशि जारी की जाए।
मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग मजदूरों के लंबित भुगतान को लेकर क्या कार्रवाई करता है और उन्हें उनकी मेहनत की राशि कब तक मिल पाती है।
नोट: उपलब्ध ऑनलाइन खोज में इस मामले से संबंधित मूल रिपोर्ट का पूरा पाठ नहीं मिल पाया, इसलिए ऊपर की खबर आपके दिए शीर्षक और विवरण के आधार पर समाचार शैली में तैयार की गई है।


