‘हनुमान अंश’ फिल्म को छत्तीसगढ़ में टैक्स फ्री करने की मांग, किसान कांग्रेस ने दी प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी

राजेश पाण्डेय बोले- कौशल्या माता की मायका और भगवान राम का ननिहाल है छत्तीसगढ़, धार्मिक फिल्म को टैक्स फ्री कर सरकार दे सकारात्मक संदेश

रायपुर। छत्तीसगढ़ में धार्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री करने की मांग तेज हो गई है। किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री राजेश पाण्डेय ने राज्य सरकार से फिल्म को तत्काल टैक्स फ्री घोषित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की पहचान भगवान श्रीराम और माता कौशल्या से जुड़ी हुई है। ऐसे में भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान जी तथा उनके अनन्य भक्त बाबा नीम करौली की जीवनी पर आधारित धार्मिक फिल्म को प्रदेश में टैक्स फ्री किया जाना चाहिए।
राजेश पाण्डेय ने जारी बयान में कहा कि छत्तीसगढ़ को भगवान श्रीराम की माता माता कौशल्या की मायका भूमि और भगवान राम का ननिहाल माना जाता है। प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान भगवान राम से गहराई से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनता भगवान श्रीराम को स्नेह और श्रद्धा से ‘भांचा राम’ के रूप में मानती है। ऐसे प्रदेश में भगवान हनुमान पर आधारित धार्मिक फिल्म को प्रोत्साहन मिलना चाहिए।

अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए सरकार पर साधा निशाना
पाण्डेय ने कहा कि मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों में फिल्म को टैक्स फ्री किया गया है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से अभी तक इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए राज्य सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार धर्म और संस्कृति के नाम पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में छत्तीसगढ़ की सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और भगवान श्रीराम से जुड़े प्रदेश के गौरव को महत्व देती है, तो उसे ‘हनुमान अंश’ को टैक्स फ्री कर आम लोगों के लिए इसे सुलभ बनाना चाहिए।
चंदखुरी से निःशुल्क प्रदर्शन शुरू करने की मांग
किसान कांग्रेस नेता ने केवल फिल्म को टैक्स फ्री करने की मांग ही नहीं की, बल्कि प्रदेश में इसके निःशुल्क प्रदर्शन की व्यवस्था करने की भी मांग रखी है। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या धाम चंदखुरी से इसकी शुरुआत की जानी चाहिए। इसके बाद प्रदेश के स्कूलों, कॉलेजों और अन्य स्थानों पर विद्यार्थियों, युवाओं और मजदूर वर्ग के लिए फिल्म के निःशुल्क प्रदर्शन की व्यवस्था की जाए।
उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों पर बनी फिल्मों के माध्यम से नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, भगवान श्रीराम की भक्ति और हनुमान जी के आदर्शों से परिचित कराया जा सकता है। बच्चों और युवाओं में धार्मिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने के लिए इस तरह की पहल उपयोगी साबित हो सकती है।
‘हनुमान अंश’ को बताया संस्कृति से जोड़ने का माध्यम
राजेश पाण्डेय ने कहा कि भगवान हनुमान भारतीय धार्मिक परंपरा में भक्ति, सेवा, साहस, समर्पण और निष्ठा के प्रतीक माने जाते हैं। उनके जीवन पर आधारित फिल्म को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए सरकार को सकारात्मक पहल करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की अपनी अलग रामायण परंपरा और धार्मिक पहचान है। राम-वन-गमन पथ, चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर और प्रदेश की राम से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं। ऐसे में हनुमान जी पर आधारित फिल्म को प्रोत्साहित करना इसी सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम हो सकता है।
तत्काल निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन
किसान कांग्रेस के प्रदेश महामंत्री ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि फिल्म को टैक्स फ्री करने के मुद्दे पर सरकार को जल्द निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांग पर सकारात्मक पहल नहीं की तो किसान कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगी।
पाण्डेय ने कहा कि यह मांग किसी राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के सम्मान से जुड़ी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह इस विषय को गंभीरता से लेते हुए जल्द निर्णय करे और प्रदेश की जनता को फिल्म देखने के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए।



