जनप्रतिनिधि से मारपीट और जातिसूचक टिप्पणी का मामला, पांच आरोपी गिरफ्तार
वाहन रोककर हमला, धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई; आरोपियों को न्यायालय में किया गया पेश
कवर्धा। अनुसूचित जनजाति वर्ग के जनप्रतिनिधि एवं अन्य लोगों के साथ मारपीट, जातिसूचक अपमान और जान से मारने की धमकी देने के मामले में कबीरधाम पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों को बुधवार को न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय में पेश किया गया।
पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन में मामले की कार्रवाई की गई।
पुलिस के अनुसार ग्राम खम्हरिया निवासी रामकुमार मरकाम ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 22 जून को वे अपने साथियों एवं जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी के साथ वाहन से कवर्धा से रेंगाखार लौट रहे थे। इसी दौरान भोरमदेव पैलेस के पास आरोपियों ने उनका वाहन रोककर विवाद किया। बाद में सरोधा नहर पुलिया तिराहा स्थित बजरंगबली मंदिर के समीप दोबारा वाहन रोककर गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि बीच-बचाव करने पहुंचे जिला पंचायत सदस्य राजकुमार मेरावी के साथ भी आरोपियों ने जातिसूचक एवं अपमानजनक टिप्पणियां कीं, जिससे अनुसूचित जनजाति वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंची। शिकायत के आधार पर थाना कवर्धा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान गवाहों के बयान दर्ज किए गए, घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक दस्तावेज और जाति प्रमाण पत्र जब्त किए गए। आरोपी गोकुल कौशिक के मेमोरेंडम के आधार पर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की गई।
पुलिस ने मामले में आरोपी गोकुल कौशिक, गोविंद कौशिक, रामानुज कौशिक, सागर साहु और आलोक तिवारी को 23 जून को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच में पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता के तथ्य सामने आए हैं।
कबीरधाम पुलिस ने कहा है कि कानून-व्यवस्था भंग करने, जातीय वैमनस्य फैलाने तथा अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विरुद्ध अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

