बस्तर में सड़क कनेक्टिविटी पर जोर, दिसंबर तक पूरे होंगे सड़क-पुलों के काम

ठेकेदारों को 10 सितंबर तक काम में प्रगति लाने के निर्देश, लापरवाही पर ब्लैकलिस्ट और अनुबंध निरस्त होगा

रायपुर। बस्तर संभाग में सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए निर्माणाधीन सड़कों और पुल-पुलियों के काम में तेजी लाई जाएगी। लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार बंसल ने बस्तर परिक्षेत्र के अधिकारियों और ठेकेदारों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने भारत सरकार के आरआरपी (Road Requirement Plan) और आरसीपीएलडब्ल्यूईए (Road Connectivity Project in Left Wing Extremism Areas) के तहत चल रहे सड़क एवं पुल-पुलियों के काम दिसंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
10 सितंबर तक दिखानी होगी प्रगति
सचिव ने बस्तर परिक्षेत्र के सभी 9 संभागों में काम कर रहे ठेकेदारों को 10 सितंबर तक स्पष्ट कार्य प्रगति दिखाने के निर्देश दिए। अपेक्षित प्रगति नहीं लाने वाले ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और अनुबंध निरस्त करने की कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों को हर 15 दिन में निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने और सप्ताह में दो-तीन दिन कार्यस्थलों का निरीक्षण करने को कहा गया। निर्माण सामग्री और कार्य की गुणवत्ता की जांच के साथ टाइमलाइन के अनुसार काम पूरा कराने पर जोर दिया गया।
प्लांट-मशीनरी नहीं लगाने पर होगी कार्रवाई
सचिव ने ठेकेदारों से कार्यस्थलों पर अनुबंध के अनुसार आवश्यक प्लांट और मशीनरी लगाने को कहा। मशीनरी नहीं लगाने वाले ठेकेदारों पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। किए गए कार्यों की जांच के बाद ठेकेदारों के भुगतान भी नियमित रूप से करने को कहा गया।
गड्ढों की तत्काल होगी मरम्मत
बरसात के बाद सड़कों की पेच रिपेयरिंग का काम युद्धस्तर पर शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए 30 सितंबर तक एजेंसियों के निर्धारण की निविदा प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। आवागमन सुचारू रखने के लिए सड़कों के गड्ढों को तत्काल भरने तथा परफॉर्मेंस गारंटी वाली सड़कों की भी ठेकेदारों से शीघ्र मरम्मत कराने के निर्देश दिए गए।
वर्षा ऋतु समाप्त होने के बाद बाढ़ और अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़कों एवं पुल-पुलियों की स्थायी मरम्मत को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया।
पहुंचविहीन गांवों को सड़क से जोड़ने की तैयारी
बैठक में द्रुतगामी सड़कों और पहुंचविहीन गांवों को जोड़ने के लिए प्रस्तावित सड़कों एवं पुलों के प्राक्कलन की स्थिति की समीक्षा की गई। स्वीकृत नए कार्यों में भू-अर्जन और वन व्यपवर्तन के लंबित मामलों की जानकारी शासन को भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि उनका उच्च स्तर पर निराकरण कराया जा सके।
वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 के प्राथमिकता वाले कार्यों के प्राक्कलन सबमिशन की भी समीक्षा हुई। निर्माण कार्यों, आयोजनों और कार्यक्रमों के बिलों का भुगतान एक माह के भीतर सुनिश्चित करने को कहा गया।
सचिव ने अनुकंपा नियुक्ति, पेंशन, विभागीय जांच और न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, सेवा सेतु और लोक सेवा गारंटी के प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता वी.के. भतपहरी, अपर सचिव एस.एन. श्रीवास्तव, उप सचिव अंशिका पाण्डेय, बस्तर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एम.एल. उरांव, सेतु परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता एस.के. कोरी, विद्युत एवं यांत्रिकी के मुख्य अभियंता टी.आर. कुंजाम सहित बस्तर के सभी 9 संभागों के अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे।


