पैडी ट्रांसप्लांटर से भरदाकला के किसानों की आसान हुई धान रोपाई

आधुनिक कृषि तकनीक से समय और श्रम की बचत, बेहतर उत्पादन की बढ़ी उम्मीद
रायपुर, 12 जुलाई। छत्तीसगढ़ में कृषि के आधुनिकीकरण की दिशा में किसान तेजी से आधुनिक तकनीकों को अपना रहे हैं। बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड अंतर्गत ग्राम भरदाकला में पैडी ट्रांसप्लांटर (धान रोपाई मशीन) के उपयोग से किसानों को धान की रोपाई में बड़ी राहत मिल रही है। इस तकनीक ने कम समय में बेहतर गुणवत्ता के साथ रोपाई कर खेती को अधिक वैज्ञानिक और लाभकारी बनाने का रास्ता खोला है।
ग्राम भरदाकला के किसान एवं सरपंच क्रांति भूषण साहू ने इस वर्ष लगभग 35 से 40 एकड़ खेती में से 10 से 12 एकड़ क्षेत्र में पैडी ट्रांसप्लांटर मशीन से धान की रोपाई कराई। उन्होंने बताया कि पारंपरिक तरीके से मजदूरों के माध्यम से रोपाई करने में 20 से 25 दिन लग जाते थे, जबकि मशीन की सहायता से यह कार्य बहुत कम समय में व्यवस्थित तरीके से पूरा हो गया।
उन्होंने बताया कि मशीन से पौधों की रोपाई समान दूरी और सीधी कतारों में होती है, जिससे फसल का बेहतर विकास होता है। साथ ही निंदाई-गुड़ाई सहित अन्य कृषि कार्य भी आसानी से किए जा सकते हैं, जिससे उत्पादन बढ़ने की संभावना रहती है।
क्रांति भूषण साहू ने कहा कि कृषि सीजन में मजदूरों की कमी किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे समय में पैडी ट्रांसप्लांटर जैसी आधुनिक तकनीक समय और श्रम दोनों की बचत करते हुए खेती को अधिक लाभकारी बनाती है। हालांकि ट्रे आधारित नर्सरी तैयार करने में शुरुआती लागत आती है, लेकिन बड़े रकबे की खेती के लिए यह तकनीक लंबे समय में अधिक किफायती और लाभदायक साबित होती है।
उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि भविष्य में श्रमिकों की कमी और समय पर खेती की आवश्यकता को देखते हुए कृषि मशीनीकरण ही बेहतर विकल्प है। कृषि विभाग के मार्गदर्शन में क्षेत्र के अनेक किसान भी अब पैडी ट्रांसप्लांटर तकनीक को अपनाने में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे समय पर रोपाई, बेहतर फसल प्रबंधन और उत्पादन में वृद्धि की संभावनाएं बढ़ रही हैं।


