श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति और संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम : विष्णुदेव साय
बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में कथा श्रवण कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की
रायपुर, 12 जुलाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा समाज को संस्कृति, संस्कार और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आध्यात्मिक विरासत प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है और इसका संरक्षण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री रविवार शाम राजधानी रायपुर स्थित बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कथा व्यास देवकीनंदन ठाकुर से प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए आशीर्वाद लिया तथा श्रीमद्भागवत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण और आरती-वंदन किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आध्यात्मिक चेतना, नैतिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण में धार्मिक कथाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या का मायका है। भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का अधिकांश समय इसी पावन भूमि पर व्यतीत किया, जिससे प्रदेश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान और अधिक गौरवशाली बनी है।
उन्होंने कहा कि शिवरीनारायण माता शबरी की तपोभूमि है, जबकि राजिम का त्रिवेणी संगम देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। यहां आयोजित होने वाला राजिम कुंभ देशभर के साधु-संतों और श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की आस्था का सम्मान करते हुए विभिन्न धार्मिक योजनाओं का प्रभावी संचालन कर रही है। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक करीब 50 हजार श्रद्धालु अयोध्या में भगवान श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। वहीं मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के बुजुर्गों को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन कराए जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के प्रमुख शक्तिपीठों के संरक्षण और विकास के लिए भी लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता, धार्मिक स्वतंत्रता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। अवैध धर्मांतरण पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से प्रदेश में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया गया है, जिसमें कड़े प्रावधान किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ संरक्षण के लिए राज्य सरकार गौधाम योजना संचालित कर रही है। इसके तहत गौधामों में चारा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि गौ संरक्षण भारतीय संस्कृति और ग्रामीण अर्थव्यवस्था दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम में राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीवलोचन महाराज, पवन साय, नंदन जैन, योगेश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
