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‘चिरायु’ की सतर्कता से बची 10 वर्षीय त्रिशांत की जिंदगी

आरबीएसके के तहत हुआ मुफ्त हृदय ऑपरेशन, समय पर पहचान से मासूम को मिला नया जीवन

रायपुर, 12 जुलाई। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत संचालित ‘चिरायु योजना’ ने धमतरी जिले के 10 वर्षीय त्रिशांत यादव को नया जीवन दिया है। जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मासूम की बीमारी का समय रहते पता चलने पर उसका रायपुर स्थित अस्पताल में पूरी तरह निःशुल्क सफल हृदय ऑपरेशन कराया गया। अब त्रिशांत स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहा है।

धमतरी जिले के ग्राम सिंधौरीखुर्द निवासी त्रिशांत यादव की बीमारी का पता स्कूल में आयोजित नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चला। कुरूद विकासखंड में स्कूल पहुंची चिरायु टीम ने जांच के दौरान बच्चे की धड़कनों में असामान्यता महसूस की। मामले की गंभीरता को देखते हुए टीम ने तत्काल परिजनों को जानकारी देकर उच्च स्तरीय जांच कराने की सलाह दी।

परिजनों की सहमति मिलने के बाद बच्चे को जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया, जहां विशेषज्ञों ने जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) की पुष्टि की। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के मार्गदर्शन में चिरायु टीम ने सभी आवश्यक कागजी प्रक्रिया और रेफरल की कार्रवाई तेजी से पूरी की, जिसके बाद त्रिशांत को रायपुर के एमएमआई अस्पताल में भर्ती कराया गया।

8 जुलाई 2026 को विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने त्रिशांत का सफल हृदय ऑपरेशन किया। उपचार पूरी तरह निःशुल्क हुआ और अब बच्चा डॉक्टरों की निगरानी में तेजी से स्वस्थ हो रहा है।

चिरायु टीम ने बीमारी की पहचान से लेकर उपचार और घर वापसी तक पूरे उपचार की जिम्मेदारी निभाई। स्कूल में जांच, परिजनों को परामर्श, रेफरल, अस्पताल में भर्ती, सफल सर्जरी और ऑपरेशन के बाद नियमित फॉलो-अप के माध्यम से बच्चे के स्वास्थ्य की लगातार निगरानी की जा रही है।

त्रिशांत के माता-पिता ने भावुक होकर बताया कि हार्ट की बीमारी की जानकारी मिलने के बाद वे बेहद चिंतित थे, क्योंकि महंगा इलाज कराना उनके लिए संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि चिरायु टीम स्कूल नहीं पहुंचती तो बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता। उन्होंने मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके बेटे को नया जीवन और परिवार को नई खुशियां दी हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के तहत संचालित चिरायु योजना बच्चों में जन्मजात विकारों और गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान कर उनका निःशुल्क उपचार सुनिश्चित कर रही है। धमतरी का यह मामला इस बात का उदाहरण है कि समय पर जांच और उपचार से बच्चों का जीवन सुरक्षित बनाया जा सकता है।

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