बदलते बस्तर की नई तस्वीर: जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं लक्ष्मी राजवाड़े

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण, महिलाओं और बच्चों से किया संवाद

रायपुर, 27 जून। महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं। इस दौरान वे सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सल प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका दौरा विकास, जनविश्वास और शासन की सक्रिय उपस्थिति का प्रतीक माना जा रहा है।
दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती और सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बच्चों और ग्रामीण महिलाओं से आत्मीय संवाद करते हुए विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी और उनका अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
मंत्री ने कहा कि जो क्षेत्र कभी नक्सली हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वे आज महिला सशक्तिकरण, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के नए केंद्र बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिल रही है।
प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका और स्वरोजगार से जुड़े विषयों पर चर्चा की तथा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक अवसर बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और उनसे सीधे संवाद करने आई हैं। उन्होंने इसे शासन के प्रति बढ़ते विश्वास और क्षेत्र में विकास की नई शुरुआत का प्रतीक बताया।
मंत्री ने कहा कि विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में योजनाओं का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों, स्थानीय जनसमर्थन और विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, विश्वास और समृद्धि का नया वातावरण निर्मित हो रहा है।

