अनधिकृत प्रवेश रोकने और सुरक्षित रेल संचालन के लिए भारतीय रेलवे के कई निवारक उपाय
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026। भारतीय रेलवे ने रेल यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की रक्षा के लिए रेलवे ट्रैक के किनारे अब तक लगभग 19,700 किलोमीटर हिस्से में सुरक्षा बाड़ लगाने का काम किया है। इसका उद्देश्य रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश रोकना और ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना है। बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश और उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों में स्थित रेल खंडों में यह बाड़ लगाई गई है।
केंद्रीय रेल मंत्री, सूचना एवं प्रसारण मंत्री तथा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने 12 अगस्त को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
पत्थरबाजी करने वालों पर कानूनी कार्रवाई
रेलवे ने ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट किया है कि यात्रियों के जीवन की सुरक्षा और रेलवे संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए पत्थरबाजी करने वालों के खिलाफ कानून के संबंधित प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई की जाती है।
प्रभावित क्षेत्रों और चिन्हित ब्लैक स्पॉट में असामाजिक तत्वों, उपद्रवी व्यक्तियों और अन्य संदिग्ध गतिविधियों के खिलाफ नियमित अभियान चलाए जाते हैं। पकड़े गए व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाती है।
इसके अलावा संवेदनशील स्थानों से गुजरने वाली ट्रेनों के साथ चलने वाले कर्मचारियों और दलों को भी विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
‘ऑपरेशन साथी’ के जरिए जागरूकता
रेलवे ट्रैक के आसपास रहने वाली आबादी को पत्थरबाजी के खतरे और इसके गंभीर परिणामों के प्रति जागरूक करने के लिए ‘ऑपरेशन साथी’ सहित विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
इन अभियानों के माध्यम से लोगों को समझाया जाता है कि चलती ट्रेनों पर पत्थर फेंकना यात्रियों के जीवन के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है और यह कानूनन दंडनीय कृत्य है।
रेलवे ने पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। घटनाओं का विश्लेषण कर संवेदनशील क्षेत्रों में आवश्यक निवारक कदम उठाए जाते हैं।
जीआरपी और स्थानीय पुलिस से समन्वय
ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा जीआरपी और स्थानीय पुलिस के साथ नियमित समन्वय किया जाता है। संवेदनशील क्षेत्रों से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं साझा कर संयुक्त रूप से कार्रवाई की जाती है।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी और समीक्षा के लिए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में राज्य स्तरीय रेलवे सुरक्षा समितियां (SLSCR) भी गठित की गई हैं। इन समितियों की अध्यक्षता संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अथवा पुलिस आयुक्त द्वारा की जाती है।
ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश रोकने पर जोर
भारतीय रेलवे में रेल संचालन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा बाड़ लगाने के साथ पैदल यात्रियों के लिए बने सबवे में भी आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जा रहे हैं।
इन उपायों का उद्देश्य मवेशियों, पैदल यात्रियों और छोटे वाहनों के अनधिकृत रूप से रेलवे ट्रैक पर आने की घटनाओं को रोकना तथा सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना है।
रेलवे के अनुसार, सुरक्षा बाड़, जागरूकता अभियान, आरपीएफ-जीआरपी समन्वय और संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित निगरानी जैसे कदमों से रेल परिचालन की सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।


