धमतरी का नगरी बनेगा हल्दी उत्पादन का नया हब250 किसानों ने शुरू की वैज्ञानिक खेती, 250 टन उत्पादन का लक्ष्य; उत्पादन से ब्रांडिंग तक तैयार होगी पूरी वैल्यू चेन

रायपुर, 27 जून। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का आदिवासी बहुल नगरी विकासखंड अब कृषि विविधीकरण की दिशा में नई पहचान बनाने जा रहा है। मुख्यमंत्री की मंशानुसार किसानों की आय बढ़ाने और वनांचल में नकदी फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यहां हल्दी की वैज्ञानिक खेती की शुरुआत की गई है। इस पहल के तहत 250 किसानों ने उच्च गुणवत्ता वाले हल्दी बीजों की बुवाई कर आगामी सीजन में 250 टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।
जिला प्रशासन की पहल के तहत किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें उत्पादन, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग और विपणन की संपूर्ण मूल्य श्रृंखला से जोड़ा जाएगा। नगरी और मगरलोड क्षेत्र के किसानों को गट्टासिल्ली किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी) के माध्यम से उन्नत किस्म के हल्दी बीज उपलब्ध कराए गए हैं।
जिला पंचायत, जनपद पंचायत नगरी और ‘प्रदान’ संस्था के संयुक्त सहयोग से ग्राम कोर्रेमुडा में आधुनिक हल्दी प्रसंस्करण इकाई स्थापित की गई है। यहां हरिभूमि किसान उत्पादक संगठन के माध्यम से हल्दी पाउडर एवं अन्य मूल्य संवर्धित उत्पाद तैयार किए जाएंगे। इसके बाद आकर्षक पैकेजिंग और ब्रांडिंग के साथ उत्पादों को सीधे बाजार में उतारा जाएगा, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
परियोजना के तहत ग्राम कोर्रेमुडा में एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें नगरी और मगरलोड विकासखंड के कृषि मित्रों एवं पीआरपी ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने किसानों को भूमि प्रबंधन, रोगमुक्त राइजोम चयन, बीज उपचार तथा संतुलित पोषण प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी। लगभग 270 दिनों की फसल अवधि में कृषि मित्र किसानों को निरंतर तकनीकी मार्गदर्शन देंगे।
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार नगरी क्षेत्र की ऊपरी एवं पथरीली भूमि हल्दी जैसी नकदी फसलों के लिए उपयुक्त है। इस पहल से अनुपयोगी मानी जाने वाली भूमि का बेहतर उपयोग होगा, किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। यह पहल आने वाले वर्षों में नगरी को राज्य के प्रमुख हल्दी उत्पादन एवं कृषि-उद्यमिता केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।


