अवैध खनन पर सरकार सख्त, कार्रवाई में बाधा डालने वाले 5 लोगों पर अपराध दर्ज
उड़नदस्ता टीम से अभद्रता और धमकी का आरोप, 4 आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी की तलाश जारी
रायपुर। प्रदेश में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को और तेज करते हुए राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि कानून का उल्लंघन करने तथा शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा प्रदेशभर में लगातार कार्रवाई की जा रही है।
खनिज विभाग के अनुसार केंद्रीय खनि उड़नदस्ता की संयुक्त टीम ने 22 जून को मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सूरजपुर और सरगुजा जिलों में व्यापक जांच अभियान चलाया। जांच के दौरान अवैध खनिज परिवहन में संलिप्त सात वाहनों को जब्त कर उनके विरुद्ध खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 के तहत प्रकरण दर्ज किए गए।
कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर के गांधी चौक क्षेत्र में खनिज परिवहन की वैधता की जांच कर रही टीम के साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने का मामला भी सामने आया। विभाग के अनुसार रेत से भरे एक टिप्पर के वाहन मालिक, चालक और अन्य सहयोगियों ने अधिकारियों को धमकाने तथा वाहन लेकर भागने का प्रयास किया।
मामले को गंभीरता से लेते हुए थाना गांधीनगर में पांच आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया है। स्थानीय पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर हिरासत में ले लिया है, जबकि मुख्य आरोपी वाहन मालिक की तलाश जारी है। जब्त वाहन को पुलिस अभिरक्षा में रखा गया है।
खनिज विभाग ने कहा है कि अवैध खनन के खिलाफ अभियान को प्रभावित करने, अधिकारियों को डराने-धमकाने या कार्रवाई में बाधा पहुंचाने के किसी भी प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में अवैध खनन से संबंधित प्रकरणों के साथ-साथ शासकीय कार्य में बाधा, धमकी और अन्य अपराधों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अवैध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन तकनीक, आधुनिक निगरानी प्रणाली और विशेष उड़नदस्ता टीमों का उपयोग किया जा रहा है। राज्य सरकार ने दोहराया है कि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस नीति के तहत आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
