साइबर ठगी से बचने 800 जवानों को किया जागरूक, OTP-यूपीआई पिन साझा नहीं करने की दी सलाह

17वीं वाहिनी सरेखा में कार्यशाला; पीजी कॉलेज के बाल प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भी साइबर सुरक्षा की जानकारी

कवर्धा। साइबर अपराधों से बचाव और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए कबीरधाम पुलिस का साइबर जागृति अभियान जारी है। अभियान के तहत मंगलवार को 17वीं वाहिनी छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, सरेखा और पीजी कॉलेज में आयोजित बाल प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।

पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार यादव के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हेमसागर सिदार एवं अमित पटेल के मार्गदर्शन में 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक जिले में साइबर जागृति अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में साइबर थाना कवर्धा ने 17वीं वाहिनी सरेखा के सहयोग से वाहिनी मुख्यालय में साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की।
OTP, UPI PIN और बैंक डिटेल किसी को न दें
कार्यशाला में साइबर विशेषज्ञों ने अधिकारियों और जवानों को OTP/UPI फ्रॉड, फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया फ्रॉड, ऑनलाइन नौकरी और निवेश के नाम पर धोखाधड़ी के तरीके बताए।
साइबर टीम ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करें। अनजान लिंक या APK फाइल पर क्लिक करने से भी बचें।
ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में देरी नहीं करनी चाहिए। पीड़ित तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा Cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की जानकारी भी दी गई।
800 अधिकारी-कर्मचारी हुए लाभान्वित
कार्यशाला में सेनानी 17वीं वाहिनी कमलेश्वर प्रसाद चंदेल, उप सेनानी प्रमोद गुप्ता, सहायक सेनानी मोनिका सिंह परिहार, बद्रीनाथ मिश्रा और शैलेन्द्र कुमार सेन सहित अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। ऑनलाइन माध्यम से सुदूर क्षेत्रों की कंपनियों के अधिकारी-कर्मचारी और ऑफलाइन मुख्यालय के अधिकारी-कर्मचारियों सहित करीब 800 लोग कार्यशाला से लाभान्वित हुए।
पुलिस ने जवानों से स्वयं साइबर अपराधों से सुरक्षित रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।
कार्यक्रम में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक उमाशंकर राठौर, सहायक उपनिरीक्षक चंद्रकांत तिवारी, आरक्षक मनीष कुमार और आरक्षक शिवम मंडावी की भूमिका रही।

