बदलते बस्तर का संदेश लेकर दिल्ली रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल

बदलते बस्तर का संदेश लेकर दिल्ली रवाना हुआ प्रतिनिधिमंडल
राष्ट्रपति से करेंगे मुलाकात, जनजातीय संस्कृति और नए बस्तर की विकास गाथा से कराएंगे परिचित

रायपुर। बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, सामाजिक परंपराओं और बदलते बस्तर की नई पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के उद्देश्य से बस्तर का 164 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल मंगलवार को दिल्ली के लिए रवाना हुआ। प्रतिनिधिमंडल में परगना मांझी, चालाकी, समाज प्रमुख, बस्तर पंडुम-2026 के जनजातीय युवा कलाकार, समाज प्रतिनिधि तथा पद्मश्री सम्मान प्राप्त हस्तियां शामिल हैं।
प्रतिनिधिमंडल 30 जुलाई को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेगा और उन्हें बस्तर की गौरवशाली जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं और सामाजिक व्यवस्था से अवगत कराएगा।
बदलते बस्तर की नई तस्वीर रखेंगे सामने
प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष यह संदेश भी रखेगा कि आज का बस्तर हिंसा और भय की छवि से आगे बढ़कर शांति, विकास और विश्वास के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। बस्तर के युवा अपनी संस्कृति, परंपराओं और प्रतिभा के दम पर देशभर में नई पहचान बना रहे हैं। प्रतिनिधिमंडल शासन की विकासोन्मुखी पहलों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से नक्सलवाद के खिलाफ मिली सफलता तथा शिक्षा, पर्यटन, रोजगार और जनजीवन में आए सकारात्मक बदलाव की जानकारी भी देगा।
शांति, विकास और लोकतांत्रिक भागीदारी का संदेश
प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के प्रति बस्तरवासियों की ओर से आभार व्यक्त करते हुए यह संदेश देगा कि अब बस्तर की पहचान केवल प्राकृतिक सौंदर्य और जनजातीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि शांति, विकास, लोकतांत्रिक भागीदारी और नई उम्मीदों से भी जुड़ चुकी है। युवा प्रतिनिधि देश के सामने नए बस्तर की सकारात्मक तस्वीर प्रस्तुत करेंगे।
प्रदेश के लिए गौरव का अवसर : विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने दिल्ली रवाना हो रहे प्रतिनिधिमंडल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दल केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और गौरवशाली विरासत का प्रतिनिधित्व करेगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन तक बस्तर की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाज और सामाजिक मूल्यों की गूंज पहुंचना पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाना जाने वाला बस्तर आज शांति, विकास, शिक्षा, पर्यटन, खेल और सांस्कृतिक चेतना की नई पहचान बना रहा है। प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति के समक्ष बस्तरवासियों की ओर से नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में मिले सहयोग और देश के नेतृत्व के प्रति आभार भी व्यक्त करेगा।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा देश को यह संदेश देगी कि बस्तर अब भय का नहीं, बल्कि विश्वास, विकास, संस्कृति और नए अवसरों का बस्तर है।



