प्रदेश के सभी संभागीय और जिला मुख्यालयों में लगेगी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा, 10.60 करोड़ रुपये मंजूर
रायपुर, 4 जुलाई 2026। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव की पहल पर छत्तीसगढ़ के सभी संभागीय एवं जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने इस कार्य के लिए 10 करोड़ 60 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की है।
यह निर्णय 6 जुलाई को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती के अवसर पर उनके योगदान को स्मरणीय बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
विभाग द्वारा रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर सहित पांच संभागीय मुख्यालयों में प्रतिमा स्थापना एवं परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए 50-50 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं जिला मुख्यालय वाले 27 नगरीय निकायों (चार नगर निगम और 23 नगर पालिकाओं) के लिए 30-30 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्र की एकता, अखंडता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रखर पुरोधा थे। उन्होंने “एक देश, एक निशान, एक विधान और एक प्रधान” के संकल्प के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके विचार आज भी समाज और विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।
उन्होंने बताया कि डॉ. मुखर्जी देश के सबसे युवा कुलपतियों में शामिल रहे। वे 23 वर्ष की आयु में विश्वविद्यालय के सबसे युवा सीनेट सदस्य बने और 33 वर्ष की उम्र में कलकत्ता विश्वविद्यालय के कुलपति बने। शिक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान से युवा पीढ़ी प्रेरणा ले सके, इसी उद्देश्य से सार्वजनिक स्थलों पर उनकी प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
अरुण साव ने कहा कि प्रतिमा स्थापना के साथ परिसर का आकर्षक सौंदर्यीकरण भी किया जाएगा, जिससे शहरों में बेहतर सार्वजनिक स्थल विकसित होंगे। उन्होंने संबंधित नगरीय निकायों के अधिकारियों को सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।



