मेड़ पर लगाए कुछ पौधे, आज हर साल 2.5 लाख की अतिरिक्त कमाई

रायगढ़ के किसान अरुण सॉ ने अनानास की खेती से लिखी सफलता की कहानी, बने अन्य किसानों के लिए प्रेरणा

रायपुर, 28 जून। रायगढ़ जिले के सकरबोगा पंचायत अंतर्गत ग्राम साल्हेओना के प्रगतिशील किसान अरुण कुमार सॉ ने अनानास की खेती से अपनी अलग पहचान बनाई है। कभी खेत की मेड़ पर शौक से लगाए गए कुछ पौधों से शुरू हुआ उनका प्रयोग आज दो एकड़ में फैले व्यावसायिक बगीचे का रूप ले चुका है। इससे उन्हें प्रतिवर्ष 2 से 2.5 लाख रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है।

शौक से शुरू हुआ सफल व्यवसाय
अरुण सॉ पहले धान सहित पारंपरिक फसलों की खेती करते थे। घरेलू उपयोग के लिए लगाए गए अनानास के पौधों की अच्छी बढ़वार और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन से प्रेरित होकर उन्होंने इसकी व्यावसायिक खेती शुरू की। पौधों से निकलने वाले प्ररोहों का पुनः रोपण और कृषि विभाग के तकनीकी मार्गदर्शन ने उनके इस प्रयास को सफलता दिलाई। वर्तमान में उनके खेत में आम और अमरूद के साथ अनानास की बहुफसली खेती का सफल मॉडल विकसित हो चुका है।
कम लागत में बेहतर मुनाफा
अनानास की खेती में सिंचाई, खाद और कीटनाशकों की अपेक्षाकृत कम आवश्यकता होती है, जिससे उत्पादन लागत कम रहती है। वहीं बाजार में इसकी लगातार मांग होने से किसानों को अच्छा मूल्य मिलता है। अरुण सॉ के खेत में तैयार अनानास गुणवत्ता के अनुसार 40 से 80 रुपये प्रति फल तक बिकता है, जिससे उन्हें अच्छी आय प्राप्त होती है।
प्ररोहों की बिक्री से बढ़ी आमदनी
अनानास के फलों के अलावा पौधों से निकलने वाले प्ररोहों की बिक्री भी उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गई है। उनकी सफलता से प्रेरित होकर आसपास के किसान भी पारंपरिक खेती के साथ उद्यानिकी फसलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे कृषि विविधीकरण को बढ़ावा मिल रहा है।
अरुण सॉ का मानना है कि खेती में सफलता के लिए मेहनत के साथ सही फसल का चयन, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और कृषि विशेषज्ञों की सलाह का पालन जरूरी है। उनका कहना है कि स्थानीय जलवायु और बाजार की मांग के अनुरूप खेती अपनाकर सीमित संसाधनों में भी बेहतर आमदनी अर्जित की जा सकती है।



