G-QKE15KJ9P0 25777229988609873
ChhattisgarhINDIAKabirdhamखास-खबर

पंडरिया के सोमनापुर भूमि विवाद में नया मोड़, 300 ग्रामीण पहुंचे कलेक्टर के पास

https://youtube.com/shorts/LunLkbkKNxE?si=YatRtHkrCTfepf6j

सामुदायिक भूमि को निजी बताकर प्रशासन को गुमराह करने का लगाया आरोप

पंडरिया। ग्राम सोमनापुर (नया) में खसरा नंबर 144/1ख, रकबा 2.19 एकड़ भूमि को लेकर चल रहे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। कुछ दिन पूर्व ग्रामीण पीरित राम उर्फ श्रीराम अपनी पारिवारिक महिलाओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचे थे और गांव के लोगों, सरपंच तथा महिलाओं पर उनके निर्माणाधीन मकान को तोड़ने एवं उन्हें बेघर करने का आरोप लगाया था। कलेक्टर कार्यालय के बाहर उन्होंने विभिन्न टीवी चैनलों और पोर्टल मीडिया के समक्ष स्वयं को गरीब और बेघर बताते हुए दो बोरियों में रखे टूटे-फूटे घरेलू सामान भी दिखाए थे।

इधर सोमवार को ग्राम सोमनापुर के लगभग 300 ग्रामीण, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, कलेक्टर से मिलने पहुंचे और दस्तावेजों सहित ज्ञापन सौंपकर पीरित राम उर्फ श्रीराम पटेल के आरोपों को निराधार बताया। ग्रामीणों का कहना है कि जिस भूमि को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह वर्षों से गांव के सामुदायिक उपयोग में रही है। उक्त भूमि पर सामुदायिक भवन, शिव मंदिर और सीसी रोड निर्मित है तथा इसका उपयोग दुर्गा स्थापना, भागवत कथा सहित विभिन्न सार्वजनिक एवं सामाजिक आयोजनों के लिए किया जाता रहा है।

राजस्व मंडल ने निरस्त किए थे पूर्व आदेश

ग्रामीणों के अनुसार खसरा नंबर 144/1ख सहित कुल सात खसरों की लगभग 13.47 एकड़ भूमि पूर्वजों द्वारा सामूहिक रूप से खरीदी गई थी। वर्ष 2016 में नामांतरण और बंटवारे को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ, जिसके बाद मामला राजस्व न्यायालयों तक पहुंचा। ग्रामीणों ने बताया कि राजस्व मंडल सर्किट कोर्ट रायपुर ने पूर्व में पारित आदेशों को निरस्त करते हुए सभी हितबद्ध पक्षों को सुनवाई का अवसर प्रदान कर पुनः बंटवारे की प्रक्रिया करने के निर्देश दिए हैं। वर्तमान में यह मामला तहसीलदार न्यायालय पंडरिया में विचाराधीन है।

तीन मकान और लगभग 40 एकड़ भूमि होने का दावा

ग्रामीणों ने ज्ञापन में दावा किया कि पीरित राम उर्फ श्रीराम स्वयं को बेघर बता रहे हैं, जबकि उनके पास गांव में तीन मकान तथा लगभग 40 एकड़ कृषि भूमि है। ग्रामीणों का आरोप है कि न्यायालय में मामला लंबित होने के बावजूद संबंधित भूमि के कुछ हिस्सों का विक्रय भी किया गया है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि मंदिर परिसर की साफ-सफाई के दौरान चोरी, मारपीट और धमकी जैसे आरोप लगाए गए, जबकि मौके पर पहुंची पुलिस के समक्ष ऐसी किसी घटना की पुष्टि नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाने तथा झूठी शिकायत पाए जाने पर उचित कार्रवाई करने की मांग की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button

You cannot copy content of this page