रक्षाबंधन पर सैनिकों के सम्मान में शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’
रक्षाबंधन पर सैनिकों के सम्मान में शुरू हुआ ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’
30 जुलाई तक हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की पावन मिट्टी भेजने की अपील
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रायपुर, 26 जुलाई 2026। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात वीर सैनिकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और आत्मीयता व्यक्त करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में ‘ऑपरेशन सिपाही रक्षा-सूत्र अभियान-2026’ की शुरुआत की गई है। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेश की माताओं, बहनों और बच्चों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा इसे जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया है।
वीर जवानों तक पहुंचेगा छत्तीसगढ़ का स्नेह
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि देश की सीमाओं पर दिन-रात तैनात सैनिकों के साहस, समर्पण और बलिदान के प्रति सम्मान प्रकट करना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि सुरक्षा, विश्वास और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। इस अभियान के माध्यम से छत्तीसगढ़ की माताओं, बहनों और बच्चों का स्नेह सीधे देश के वीर जवानों तक पहुंचेगा।
हाथों से बनी राखी, शुभकामना संदेश और आंगन की माटी भेजने का आग्रह
मंत्री ने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने हाथों से राखी तैयार करें, सैनिकों के नाम शुभकामना संदेश लिखें और विजय तिलक के लिए अपने आंगन की एक चुटकी पावन मिट्टी भी लिफाफे में रखें। उन्होंने कहा कि यह मिट्टी मातृभूमि के आशीर्वाद और छत्तीसगढ़ की आत्मीय भावनाओं का प्रतीक होगी।
30 जुलाई तक जमा कर सकते हैं रक्षा-सूत्र
अभियान के तहत हस्तनिर्मित राखी, शुभकामना संदेश और पावन मिट्टी का लिफाफा 30 जुलाई 2026 तक अपने निकटतम आंगनबाड़ी केंद्र अथवा महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना कार्यालय में जमा किया जा सकता है। एकत्रित सभी रक्षा-सूत्र पूर्व सैनिक महासभा के माध्यम से नई दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजे जाएंगे, जहां से उन्हें देशभर के विभिन्न मोर्चों पर तैनात सैनिकों तक पहुंचाया जाएगा।
सैनिकों के सम्मान में जनभागीदारी का आह्वान
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनाने की अपील करते हुए कहा कि अपने सैनिक भाइयों तक यह संदेश अवश्य पहुंचे कि पूरा छत्तीसगढ़ उनके सम्मान, सुरक्षा और गौरव के साथ मजबूती से खड़ा है।


