धमतरी में जनजातीय विकास की नई तस्वीर, कमार समुदाय के सशक्तिकरण का बन रहा मॉडल
धमतरी में जनजातीय विकास की नई तस्वीर, कमार समुदाय के सशक्तिकरण का बन रहा मॉडल
बोरई बनेगा अंतर्राज्यीय व्यापार का नया केंद्र, 7 स्थानों पर बनेंगे आधुनिक व्यावसायिक परिसर
रायपुर, 25 जुलाई 2026। धमतरी जिला विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) कमार समुदाय के समग्र विकास और आर्थिक सशक्तिकरण का नया मॉडल बनकर उभर रहा है। राज्य और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से जिले में आजीविका, शिक्षा, आवास, सड़क, पेयजल और आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
कमार समुदाय को मिलेगा स्वरोजगार का नया आधार
कमार समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिले के बेलरगांव, कसपुर, बोरई, कुकरेल, सिंगपुर, दुगली और केरेगांव में आधुनिक व्यावसायिक परिसरों का निर्माण कराया जा रहा है। इन परिसरों में हितग्राही अपनी जरूरत और रुचि के अनुसार दुकानें संचालित कर सकेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
बोरई बनेगा व्यापार और परिवहन का हब
छत्तीसगढ़, ओडिशा और कांकेर जिले के संपर्क बिंदु बोरई को अंतर्राज्यीय व्यापार एवं परिवहन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित टर्मिनल के साथ व्यावसायिक परिसर भी विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिलेंगे और व्यापार व पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
पहली पीएम-जनमन आवास कॉलोनी
धमतरी जिले के नगरी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत संकरा के आश्रित गांव मसानडबरा में कमार जनजाति के लिए छत्तीसगढ़ की पहली और देश की दूसरी पीएम-जनमन आवास कॉलोनी विकसित की गई है। यहां पारंपरिक संस्कृति के अनुरूप पक्के मकान बनाए गए हैं और इन्हें पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से जोड़कर सौर ऊर्जा की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
शिक्षा और आधारभूत सुविधाओं का विस्तार
जिले में संचालित कमार विद्यालय को कक्षा 10वीं से 12वीं तक उच्चीकृत करने की प्रक्रिया जारी है। नगरी ब्लॉक के कुर्रीडीह में 50-सीटर बालक छात्रावास का निर्माण भी किया जा रहा है, जिसे जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य है।
पीएम-जनमन आवास योजना के तहत स्वीकृत 1,481 आवासों में से 1,046 का निर्माण पूरा हो चुका है। इसके अलावा 1,341.60 लाख रुपये की लागत से 36 नई सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। जल जीवन मिशन के तहत सभी घरों तक नल से जल पहुंचाया जा चुका है और सभी जनजातीय बसाहटों का विद्युतीकरण भी पूरा हो चुका है।
बहुउद्देशीय केंद्र और राष्ट्रपति पुरस्कार
नगरी ब्लॉक के बोईरगांव में निर्मित बहुउद्देशीय केंद्र शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और शासकीय सेवाओं का प्रमुख केंद्र बन चुका है। वहीं पिपरहीभर्री गांव में प्राकृतिक संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन और आजीविका संवर्धन की दिशा में कार्य किए गए हैं।
पीएम-जनमन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए धमतरी जिले को राष्ट्रपति पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है। जिला प्रशासन का कहना है कि कमार समुदाय को केवल मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्थायी आजीविका और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य है।



