शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव : राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा

बलौदाबाजार विधानसभा के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्ष निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये स्वीकृत

रायपुर, 20 जुलाई 2026। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने कहा कि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और संस्कारयुक्त शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आने वाली पीढ़ी भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बन सके।
तिल्दा विकासखंड के शासकीय बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित विकासखंड स्तरीय शालेय प्रवेश उत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए मंत्री श्री वर्मा ने यह बात कही। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, जिला पंचायत प्रतिनिधि और शिक्षा विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
3 करोड़ से बनेंगे अतिरिक्त कक्ष
राजस्व मंत्री ने घोषणा की कि बलौदाबाजार विधानसभा क्षेत्र के 11 विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के विद्यालयों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जा रहा है। बाउंड्री वॉल, शौचालय, शुद्ध पेयजल, बिजली और बैठक व्यवस्था जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाएगा। इसके अलावा बीएनबी हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में विद्यार्थियों के सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विकास के लिए आधुनिक रंगमंच के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है।
बड़े सपने और दृढ़ संकल्प से मिलती है सफलता
अपने संबोधन में श्री वर्मा ने भारत रत्न डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि सफलता बड़े सपनों और दृढ़ संकल्प से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से उच्च लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर मेहनत करने का आह्वान किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “संकल्प से सिद्धि” के मंत्र को अपनाने की प्रेरणा दी।
सकारात्मक सोच से बदलती है जीवन की दिशा
स्वामी विवेकानंद के संदेश “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए” का उल्लेख करते हुए मंत्री ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच और स्पष्ट लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जब उद्देश्य स्पष्ट होता है, तब सफलता निश्चित होती है।
नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा पर जोर
राजस्व मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत राज्य में आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा, वेद, शास्त्र, रामायण और सांस्कृतिक विरासत को भी शिक्षा का हिस्सा बनाया जा रहा है। विद्यालयों में प्रार्थना, सरस्वती वंदना और श्लोक के माध्यम से विद्यार्थियों में नैतिकता, अनुशासन और संस्कार विकसित किए जा रहे हैं।
2047 तक समृद्ध छत्तीसगढ़ का लक्ष्य
मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना, कृषक उन्नति योजना और अधोसंरचना विकास जैसे कार्यों के माध्यम से प्रदेश को नई दिशा दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ छत्तीसगढ़ भी देश के सबसे समृद्ध और सशक्त राज्यों में शामिल होगा।
कार्यक्रम के अंत में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत पर विद्यार्थियों का तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं।


