जिला प्रेस क्लब का विवाद गहराया, 4 सदस्यों ने जांच और चुनाव की मांग की
अध्यक्ष-कोषाध्यक्ष के रवैये पर उठाए सवाल; कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पद पर बने रहने का आरोप, रजिस्ट्रार के निर्देश पर चुनाव कराने की मांग
कवर्धा। जिला प्रेस क्लब कवर्धा का आंतरिक विवाद अब रजिस्ट्रार कार्यालय तक पहुंच गया है। प्रबंध कमेटी के चार सदस्यों ने अध्यक्ष प्रकाश वर्मा एवं कोषाध्यक्ष डीएन योगी के कथित मनमानी रवैये, क्लब के संचालन में पारदर्शिता की कमी और कार्यकाल पूरा होने के बाद भी पद पर बने रहने को लेकर शिकायत की है। सदस्यों ने मामले की जांच कराने के साथ रजिस्ट्रार के निर्देश पर अधिकृत चुनाव प्राधिकारी की मौजूदगी में चुनाव कराने की मांग की है।
सात सदस्यीय संरचना में चार सदस्य एक तरफ
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, उप रजिस्ट्रार के समक्ष हुई प्रक्रिया में जिला प्रेस क्लब कवर्धा की वर्तमान पंजीकृत संरचना में सात सदस्यों के नाम सामने आए हैं। इनमें प्रकाश वर्मा, डीएन योगी, यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे, श्याम टंडन, ईश्वर कुंभकार और मुकेश श्रीवास्तव शामिल बताए गए हैं।
चार सदस्यों का आरोप है कि क्लब का संचालन कुछ लोगों तक सीमित हो गया है। पत्रकारों की व्यापक भागीदारी नहीं होने से क्लब के मूल उद्देश्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने क्लब परिसर और उसकी सुविधाओं के उपयोग तथा किराया वसूली को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
बहुमत के आधार पर अध्यक्ष को हटाने का दावा
चार सदस्यों का कहना है कि सात सदस्यीय संरचना में बहुमत उनके पक्ष में है और वर्तमान कार्यकारिणी का कार्यकाल भी पूरा हो चुका है। इसी आधार पर उन्होंने अध्यक्ष प्रकाश वर्मा को पद से मुक्त किए जाने की कार्रवाई का दावा किया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि संस्था के संचालन में अब किसी तरह की मनमानी नहीं होनी चाहिए और आगे की प्रक्रिया रजिस्ट्रार के निर्देश तथा संस्था के नियमों के अनुसार ही होनी चाहिए।
डीएन योगी को सचिव बनाने की खबर पर आपत्ति
विवाद के बीच डीएन योगी को सचिव बनाए जाने संबंधी खबरों पर भी चार सदस्यों ने आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि पूर्व कोषाध्यक्ष डीएन योगी द्वारा आज तक क्लब के कोष का पूरा हिसाब प्रस्तुत नहीं किया गया है। ऐसे में उन्हें सचिव बनाए जाने संबंधी खबर को शिकायतकर्ताओं ने भ्रामक और अनुचित बताया है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान विवाद और चुनाव को लेकर प्रक्रिया लंबित होने के बीच किसी पद पर नियुक्ति को लेकर इस तरह की खबरें चलाना उचित नहीं है।
तीन बनाम चार सदस्यों का विवाद
प्रबंध कमेटी में अब विवाद तीन बनाम चार सदस्यों का हो गया है। चार सदस्यों का कहना है कि सात सदस्यीय कमेटी में बहुमत उनके पक्ष में है। उनका आरोप है कि तीन सदस्यों द्वारा चार सदस्यों को हटाकर चुनाव कराने की प्रक्रिया उचित नहीं है।
उन्होंने मांग की है कि क्लब से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय रजिस्ट्रार कार्यालय के निर्देश और संस्था के पंजीकृत नियमों के अनुरूप ही लिए जाएं।
जल्द सदस्यता अभियान और चुनाव कराने की मांग
शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि प्रेस क्लब में जल्द सदस्यता अभियान चलाकर अधिक से अधिक पत्रकारों को संस्था से जोड़ा जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्रार के निर्देश के अनुसार अधिकृत चुनाव प्राधिकारी की मौजूदगी में नई कार्यकारिणी का चुनाव कराया जाना चाहिए।
चारों सदस्यों का कहना है कि प्रेस क्लब किसी व्यक्ति विशेष की निजी संपत्ति नहीं है। यह पत्रकारों और जनसामान्य के हित से जुड़ी संस्था है। इसलिए क्लब के संचालन में पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक प्रक्रिया जरूरी है।
फिलहाल विवाद रजिस्ट्रार कार्यालय तक पहुंच चुका है। अब जांच और संस्था के रिकॉर्ड के आधार पर सामने आने वाला निर्णय ही यह स्पष्ट करेगा कि क्लब की वर्तमान कार्यकारिणी और आगामी चुनाव को लेकर वैधानिक स्थिति क्या है।


