भुगतान के आश्वासन के बाद किसानों ने समाप्त किया अनिश्चितकालीन धरना

विधायक भावना बोहरा ने मुख्यमंत्री से बैठक कराने का दिया भरोसा, गन्ना भुगतान व खाद की कालाबाजारी समेत चार सूत्रीय मांगों पर हुई चर्चा
पंडरिया। चार सूत्रीय मांगों को लेकर पंडरिया ब्लॉक के किसानों द्वारा दसरंगपुर तिगड्डा में मंगलवार से शुरू किया गया अनिश्चितकालीन धरना एवं ट्रैक्टर रैली बुधवार को विधायक भावना बोहरा के आश्वासन के बाद समाप्त हो गई। आंदोलन के दौरान किसानों ने बारिश के बीच भी ट्रैक्टर रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया और रातभर धरनास्थल पर डटे रहे।
धरने के पहले दिन एसडीएम, तहसीलदार, एमडी और एसडीओपी ने किसानों से चर्चा की, लेकिन समाधान नहीं निकलने पर आंदोलन जारी रहा। दूसरे दिन विधायक भावना बोहरा स्वयं धरनास्थल पहुंचीं और किसान प्रतिनिधियों से विस्तार से बातचीत की।
चर्चा के दौरान गन्ना किसानों के बकाया भुगतान पर विधायक ने बताया कि 30 करोड़ रुपये की देय राशि में से 11 करोड़ रुपये का भुगतान 10 जुलाई तक किया जाएगा। शेष मूल राशि का भुगतान जुलाई के अंतिम सप्ताह तथा रिकवरी राशि का भुगतान अगस्त में कराने का आश्वासन दिया गया।
किसान संघ के जिलाध्यक्ष डोमन चंद्रवंशी ने कहा कि यदि पहले की तरह नान (नागरिक आपूर्ति निगम) के माध्यम से शक्कर स्टॉक के आधार पर अग्रिम राशि उपलब्ध कराई जाए और मंडी बोर्ड से भी राशि मिले तो किसानों का भुगतान शीघ्र हो सकता है।
बैठक में किसानों ने जिले में खाद की कालाबाजारी और गुणवत्ताहीन बीज की बिक्री का मुद्दा भी उठाया। किसानों का आरोप था कि यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरक निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बेचे जा रहे हैं। उन्होंने कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
किसानों ने गन्ना फसल को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने की मांग भी रखी। इस पर विधायक भावना बोहरा ने आगामी मानसून सत्र में यह मुद्दा विधानसभा में उठाने और योजना में गन्ना फसल को शामिल कराने का प्रयास करने का आश्वासन दिया।
बैठक में शक्कर कारखाने की आर्थिक स्थिति, शक्कर की कम कीमत पर सरकारी खरीद तथा कारखाने के प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। किसानों ने कारखाने के महाप्रबंधक के स्थानांतरण की मांग करते हुए सक्षम अधिकारी की नियुक्ति की बात कही।
विधायक ने किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ जल्द ही मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से बैठक कराने का भरोसा दिलाया। इसके बाद किसान संघ ने ज्ञापन सौंपकर अपना धरना और आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
धरना स्थल पर किसान संघ के प्रदेश एवं जिला पदाधिकारियों सहित विभिन्न तहसीलों के बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।



