नीट परीक्षा पेपर लीक पर कठोर कार्रवाई की मांग, भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख ने प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
कवर्धा। नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर भारतीय किसान संघ जिला कबीरधाम के जिला प्रचार प्रमुख दिनेश चंद्रवंशी ने प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन के माध्यम से उन्होंने कहा कि देश की प्रतिष्ठित परीक्षा में पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के सपनों को तोड़ने का काम कर रही हैं।
जिला प्रशासन के माध्यम से भेजे गए ज्ञापन में दिनेश चंद्रवंशी ने बताया कि एक अभिभावक के रूप में उन्होंने छात्रों और परिवारों की पीड़ा को महसूस करते हुए यह पत्र लिखा है। उन्होंने कहा कि देशभर में लाखों विद्यार्थी वर्षों तक कठिन मेहनत करते हैं। कई छात्र अपने घर-परिवार से दूर रहकर कोचिंग संस्थानों में पढ़ाई करते हैं, जबकि माता-पिता अपनी आर्थिक स्थिति से ऊपर उठकर बच्चों की शिक्षा के लिए ऋण लेने तक को मजबूर हो जाते हैं।
उन्होंने कहा कि नीट जैसी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होना केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि लाखों परिवारों की मेहनत, उम्मीदों और विश्वास पर सीधा आघात है। मजदूर, किसान और सामान्य परिवार दिन-रात मेहनत कर अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने का सपना देखते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी वर्षों की तपस्या को क्षणभर में समाप्त कर देती हैं।
दिनेश चंद्रवंशी ने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं से मेहनती और योग्य विद्यार्थियों के मनोबल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। कई छात्र मानसिक तनाव से गुजरते हैं तथा शिक्षा व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल उठते हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि नीट पेपर लीक से जुड़े सभी मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कर छह माह के भीतर कार्रवाई पूरी की जाए। साथ ही पेपर लीक करने वाले, खरीदने वाले तथा पूरे नेटवर्क से जुड़े व्यक्तियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक प्रावधान लागू किए जाएं। परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए डिजिटल निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग भी की गई है।
भारतीय किसान संघ के जिला प्रचार प्रमुख दिनेश चंद्रवंशी ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती और सरकार को ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
ज्ञापन की प्रतिलिपि केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा एनटीए अध्यक्ष को भी प्रेषित की गई है।


