विकसित भारत जी राम जी उद्यान से ग्रामीणों की आजीविका को मिलेगा नया आधार, जिले में 30 स्थानों पर होंगे फलदार उद्यान

विकसित भारत जी राम जी उद्यान से ग्रामीणों की आजीविका को मिलेगा नया आधार, जिले में 30 स्थानों पर होंगे फलदार उद्यान

कवर्धा। कबीरधाम जिले में विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत जी राम जी उद्यान योजना ग्रामीणों के लिए आय और रोजगार का नया माध्यम बनने जा रही है। योजना के अंतर्गत जिले के 30 स्थानों पर फलदार उद्यान विकसित किए जाएंगे। इसकी शुरुआत ग्राम पंचायत नेऊरगांवखुर्द और गंडईखुर्द से हो चुकी है, जहां आम, नींबू, जामुन, आंवला, सीताफल और कटहल जैसे फलदार पौधों का रोपण किया गया है।
2 जुलाई 2026 को योजना के शुभारंभ के साथ दोनों ग्राम पंचायतों में उद्यान की नींव रखी गई। नेऊरगांवखुर्द में गौठान के समीप समराही परिया स्थित 2.02 हेक्टेयर भूमि पर 560 फलदार पौधे लगाए गए हैं। इस परियोजना पर 8.35 लाख रुपये की लागत आई है। वहीं गंडईखुर्द के लिलमहा बगीचा स्थल के पास 2.02 हेक्टेयर क्षेत्र में 350 पौधों का रोपण 6.678 लाख रुपये की लागत से किया गया है।
दोनों उद्यानों का क्रियान्वयन उद्यानिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है, जबकि एग्रीकॉन संस्था चैन लिंक फेंसिंग और पौधों के रखरखाव में सहयोग कर रही है। पौधों की देखभाल के लिए स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिससे उन्हें नियमित आय का अवसर भी मिल रहा है।
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि योजना का उद्देश्य वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीणों को स्थायी आजीविका उपलब्ध कराना है। सभी पौधे ग्राफ्टिंग तकनीक वाले उन्नत किस्म के हैं, जिनमें आम, आंवला, नींबू, जामुन, सीताफल और कटहल शामिल हैं। इनसे दो से तीन वर्षों में उत्पादन शुरू हो जाएगा, जिससे स्थानीय समूहों को फल विक्रय के माध्यम से आर्थिक लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि उद्यान विकास कार्यों में स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार भी मिल रहा है। योजना के तहत कार्यरत श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की मजदूरी दी जा रही है। इससे ग्रामीणों को रोजगार के साथ-साथ भविष्य में स्वरोजगार का भी अवसर मिलेगा।
सीईओ जिला पंचायत ने बताया कि जिले में 30 स्थानों पर जी राम जी उद्यान विकसित करने की योजना अंतिम चरण में है। नेऊरगांवखुर्द और गंडईखुर्द में कार्य प्रारंभ हो चुका है, जबकि शेष 28 स्थानों की स्वीकृति प्रक्रिया जारी है। सभी उद्यानों का विकास इसी वर्षा ऋतु में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
जी राम जी योजना के तहत आजीविका संवर्धन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। फलदार उद्यानों की यह पहल न केवल हरित आवरण बढ़ाएगी, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने, महिला समूहों को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर स्थायी रोजगार के अवसर सृजित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।


